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Kangra News: स्कूलों में बच्चों को बताएंगे पोक्सो कानून और सुरक्षा के अधिकार
Tue, 27 Oct 2026 12:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:44 AM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा आज से चलाएगा सुरक्षित बचपन अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। बच्चों को यौन शोषण से बचाने और उनको कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) कांगड़ा 27 से 31 अक्तूबर तक सुरक्षित बचपन अभियान चलाएगा।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की पहल पर आयोजित इस अभियान के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को पोक्सो अधिनियम-2012, व्यक्तिगत सुरक्षा और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।
डीएलएसए कांगड़ा के सचिव आर मिहुल शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान करने, दुर्व्यवहार की स्थिति में बिना डर के मदद मांगने और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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अभियान में न्यायिक अधिकारियों, बाल कल्याण समितियों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, महिला एवं बाल विकास विभाग, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने के साथ बाल शोषण की रोकथाम के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। बच्चों को यौन शोषण से बचाने और उनको कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) कांगड़ा 27 से 31 अक्तूबर तक सुरक्षित बचपन अभियान चलाएगा।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की पहल पर आयोजित इस अभियान के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को पोक्सो अधिनियम-2012, व्यक्तिगत सुरक्षा और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।
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डीएलएसए कांगड़ा के सचिव आर मिहुल शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान करने, दुर्व्यवहार की स्थिति में बिना डर के मदद मांगने और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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अभियान में न्यायिक अधिकारियों, बाल कल्याण समितियों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, महिला एवं बाल विकास विभाग, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने के साथ बाल शोषण की रोकथाम के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है।