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डमटाल पहुंची लद्दाख स्काउट के 20 जवानों की टुकड़ी
Updated Wed, 17 Oct 2018 12:01 AM IST
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डमटाल पहुंची लद्दाख स्काउट के 20 जवानों की टुकड़ी
पाकिस्तान पर जीत की 72वीं वर्षगांठ पर निकली है साइकिल रैली
अमर उजाला ब्यूरो
डमटाल (कांगड़ा)। पकिस्तान पर 1947 की जीत दर्ज करने पर लद्दाख स्काउट और जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फेंट्री सेना के 20 जवानों की टुकड़ी साइकिल पर डमटाल के तोकी गांव पहुंची। जानकारी के अनुसार रैली की अध्यक्षता दोनों रेजिमेंट से आए सेना के अधिकारी कैप्टन दीपन गुरुंग और मेजर धिवेश कर रहे हैं, जो सेना के जवानों के साथ साइकिल पर डमटाल पहुंचे। डमटाल पहुंचने पर नवम अयुद्ध भंडार सेना की यूनिट ने कमांडेंट पारितोष उपाध्याय के दिशा-निर्देश अनुसार ऐडम मेजर ऑफिसर जैनेंद्रा और कैप्टन अनस तालीफ ने लद्दाख से चली सेना रैली का स्वागत किया। एडम ऑफिसर जैनेंद्रा ने बताया कि 1947 में पकिस्तान ने जम्मू कश्मीर पर हमला किया था, जिस पर पहली बार सिख रेजिमेंट ने वहां जाकर पकिस्तान को शिकस्त देते हुए जीत हासिल की थी और पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। उसी उपलक्ष्य में 72 वर्ष पूरे होने के बाद आर्मी दिवस के रूप में इस दिन को मनाया जाता है, जिस पर लद्दाख स्काउट और जम्मू एंड कश्मीर इन्फेंट्री के दर्जनों जवान अपने अधिकारियों समेत साइकिल रैली निकाल कर लद्दाख से दिल्ली की ओर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह रैली 27 अक्तूबर को दिल्ली के आर्मी हेड क्वार्टर में पहुंचेगी।
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पाकिस्तान पर जीत की 72वीं वर्षगांठ पर निकली है साइकिल रैली
अमर उजाला ब्यूरो
डमटाल (कांगड़ा)। पकिस्तान पर 1947 की जीत दर्ज करने पर लद्दाख स्काउट और जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फेंट्री सेना के 20 जवानों की टुकड़ी साइकिल पर डमटाल के तोकी गांव पहुंची। जानकारी के अनुसार रैली की अध्यक्षता दोनों रेजिमेंट से आए सेना के अधिकारी कैप्टन दीपन गुरुंग और मेजर धिवेश कर रहे हैं, जो सेना के जवानों के साथ साइकिल पर डमटाल पहुंचे। डमटाल पहुंचने पर नवम अयुद्ध भंडार सेना की यूनिट ने कमांडेंट पारितोष उपाध्याय के दिशा-निर्देश अनुसार ऐडम मेजर ऑफिसर जैनेंद्रा और कैप्टन अनस तालीफ ने लद्दाख से चली सेना रैली का स्वागत किया। एडम ऑफिसर जैनेंद्रा ने बताया कि 1947 में पकिस्तान ने जम्मू कश्मीर पर हमला किया था, जिस पर पहली बार सिख रेजिमेंट ने वहां जाकर पकिस्तान को शिकस्त देते हुए जीत हासिल की थी और पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। उसी उपलक्ष्य में 72 वर्ष पूरे होने के बाद आर्मी दिवस के रूप में इस दिन को मनाया जाता है, जिस पर लद्दाख स्काउट और जम्मू एंड कश्मीर इन्फेंट्री के दर्जनों जवान अपने अधिकारियों समेत साइकिल रैली निकाल कर लद्दाख से दिल्ली की ओर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह रैली 27 अक्तूबर को दिल्ली के आर्मी हेड क्वार्टर में पहुंचेगी।