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रेलवे के गेटमैन को दो साल की सजा, पांच हजार जुर्माना
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:11 AM IST
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धर्मशाला। कोर्ट ने रेलवे के एक गेटमैन को फाटक का गेट बंद न करने से हुए हादसे मामले में दो साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। हादसे में चार लोगों की मौत हुई थी। पिछले पांच सालों से चल रहे केस पर सुनवाई करते हुए वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरेंद्र वैद्य ने आरोपी संजय कुमार निवासी पठानकोट के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर यह सजा सुनाई है।
जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि 18 जनवरी 2013 रात करीब साढ़े 10 बजे पठानकोट से जालंधर की ओर ट्रेन नंबर-12492 जा रही थी। इस दौरान जब ट्रेन डमटाल के पास पहुंची तो फाटक के गेटमैन संजय कुमार (42) निवासी गांव ठानपुर तहसील पठानकोट पंजाब ने ड्यूटी में लापरवाही करते हुए फाटक का गेट बंद नहीं किया। गेट खुला होने के चलते फाटक से गुजर रही एक कार एचपी-54-6777 ट्रेन की चपेट में आ गई।
टक्कर इतनी जोरदार हुई कि कार 50 मीटर दूर पहुंच गई। हादसे में चालक श्याम लाल (30), केशव सिंह कटोच (75), शिवम कटोच (10) और आरुषि कटोच (6) सभी निवासी इंदपुर की मौत पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस कांगड़ा थाना की टीम ने जांच में पाया कि हादसे के बाद गेटमैन घटनास्थल से फरार हो गया था। रेलवे पुलिस की जांच के बाद न्यायालय पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर संजय के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने दो साल कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि 18 जनवरी 2013 रात करीब साढ़े 10 बजे पठानकोट से जालंधर की ओर ट्रेन नंबर-12492 जा रही थी। इस दौरान जब ट्रेन डमटाल के पास पहुंची तो फाटक के गेटमैन संजय कुमार (42) निवासी गांव ठानपुर तहसील पठानकोट पंजाब ने ड्यूटी में लापरवाही करते हुए फाटक का गेट बंद नहीं किया। गेट खुला होने के चलते फाटक से गुजर रही एक कार एचपी-54-6777 ट्रेन की चपेट में आ गई।
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टक्कर इतनी जोरदार हुई कि कार 50 मीटर दूर पहुंच गई। हादसे में चालक श्याम लाल (30), केशव सिंह कटोच (75), शिवम कटोच (10) और आरुषि कटोच (6) सभी निवासी इंदपुर की मौत पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस कांगड़ा थाना की टीम ने जांच में पाया कि हादसे के बाद गेटमैन घटनास्थल से फरार हो गया था। रेलवे पुलिस की जांच के बाद न्यायालय पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर संजय के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने दो साल कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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