{"_id":"5aa8154a4f1c1bbf088b50c8","slug":"201520964938-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में बुलाने पर भी नहीं आए गायनी विशेषज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में बुलाने पर भी नहीं आए गायनी विशेषज्ञ
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जोनल अस्पताल धर्मशाला की कार्यप्रणाली सवालों के घेर में आ गई है। गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एक सप्ताह पहले दो गायनी विशेषज्ञ को ऑनकॉन बुलाने की सुविधा देने के लिए रखे है। जब रविवार रात को एक महिला को प्रसव पीड़ा हुई, तो अस्पताल प्रबंधन ने तर्क दिया कि इसके साथ दिन में ऑनकॉल बुलाने का करार हुआ है, लेकिन मंगलवार को तो दिन में भी बुलाने पर दो में से कोई निजी गायनी विशेषज्ञ नहीं आया।
धर्मशाला के साथ लगते गांव के संदीप कुमार ने कहा कि वे अपनी गर्भवती पत्नी को उपचार के धर्मशाला अस्पताल ले आए। उसे पीड़ा होने के बाद उन्हें अस्पताल प्रबंधन से गायनी विशेषज्ञ बुलाने की बात कही, तो 11 बजे उन्हें बताया गया कि सायं चार बजे गायनी डॉक्टर आएगी। उसके बाद किसी अन्य डॉक्टरों में आनन-फानन में जांच करवाकर वापस भेज दिया। घर पहुंचने पर गर्भवती महिला को फिर दर्द शुरू हुई और उसे परिजन फिर अस्पताल ले आए, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने पहले तो कई घंटों तक बिना जांच किए बिस्तर में लेटाए रखा। उसके बाद चार बजे परिजनों ने पूछा कि डॉक्टर नहीं आई, तो अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि एक गायनी विशेषज्ञ छुट्टी पर है और दूसरे ने आने से मना कर दिया है। इससे साफ जाहिर है कि अस्पताल प्रबंधन ने सिर्फ दिखाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के पैसे से दो निजी गायनी विशेषज्ञों को तैनाती दी है।
-धर्मशाला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि मंगलवार को एक ऑनकॉल गायनी विशेषज्ञ बुलाया गया था, लेकिन वे आए नहीं। अब अस्पताल प्रशासन उनके साथ किए गए कांट्रेक्ट का रद्द कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मशाला। जोनल अस्पताल धर्मशाला की कार्यप्रणाली सवालों के घेर में आ गई है। गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एक सप्ताह पहले दो गायनी विशेषज्ञ को ऑनकॉन बुलाने की सुविधा देने के लिए रखे है। जब रविवार रात को एक महिला को प्रसव पीड़ा हुई, तो अस्पताल प्रबंधन ने तर्क दिया कि इसके साथ दिन में ऑनकॉल बुलाने का करार हुआ है, लेकिन मंगलवार को तो दिन में भी बुलाने पर दो में से कोई निजी गायनी विशेषज्ञ नहीं आया।
धर्मशाला के साथ लगते गांव के संदीप कुमार ने कहा कि वे अपनी गर्भवती पत्नी को उपचार के धर्मशाला अस्पताल ले आए। उसे पीड़ा होने के बाद उन्हें अस्पताल प्रबंधन से गायनी विशेषज्ञ बुलाने की बात कही, तो 11 बजे उन्हें बताया गया कि सायं चार बजे गायनी डॉक्टर आएगी। उसके बाद किसी अन्य डॉक्टरों में आनन-फानन में जांच करवाकर वापस भेज दिया। घर पहुंचने पर गर्भवती महिला को फिर दर्द शुरू हुई और उसे परिजन फिर अस्पताल ले आए, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने पहले तो कई घंटों तक बिना जांच किए बिस्तर में लेटाए रखा। उसके बाद चार बजे परिजनों ने पूछा कि डॉक्टर नहीं आई, तो अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि एक गायनी विशेषज्ञ छुट्टी पर है और दूसरे ने आने से मना कर दिया है। इससे साफ जाहिर है कि अस्पताल प्रबंधन ने सिर्फ दिखाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के पैसे से दो निजी गायनी विशेषज्ञों को तैनाती दी है।
विज्ञापन
-धर्मशाला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि मंगलवार को एक ऑनकॉल गायनी विशेषज्ञ बुलाया गया था, लेकिन वे आए नहीं। अब अस्पताल प्रशासन उनके साथ किए गए कांट्रेक्ट का रद्द कर रहा है।
विज्ञापन