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संयुक्त समन्मय समिति करेगी धरना-प्रदर्शन
Updated Fri, 04 May 2018 12:05 AM IST
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ढांगु वाया पठानकोट रूट पर परमिट मंजूर नहीं
संयुक्त समन्वय समिति करेगी धरना-प्रदर्शन
निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। संयुक्त समन्वय समिति धर्मशाला निजी बस ऑपरेटरों के लिए पठानकोट मार्ग पर किए गए संशोधन को लेकर वीरवार को आरटीओ कांगड़ा से मिली। इस दौरान उन्होंने इस मार्ग पर परमिट देने के लिए किए गए संशोधनों को रद्द करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश सरकार न तो ट्रांसपोर्ट पॉलिसी का पालन कर रही है और न ही नियमों को ध्यान में रखा जा रहा है। समिति ने कहा कि सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने के लिए यह संशोधन किया है। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन के भीतर यह आदेश वापस नहीं लिए गए तो उन्हें मजबूरन धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आरटीओ कांगड़ा से हुई बैठक के दौरान जसमेर राणा, प्रदीप बलौरिया, रणजीत सिंह, यशपाल, बृजपाल, प्यार सिंह, अशोक कुमार, पवन कुमार, प्रहलाद सिंह, सुनील कटोच, मिलाप चंद, विपिन कुमार, ऋषि ठाकुर, कर्मचंद, संजय चड्डा, राजेंद्र कुमार, बलदेव सिंह, सुभाष, शमशेर सिंह और बद्री प्रसाद आदि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार निजी बस ऑपरेटरों को ही लाभ पहुंचाना चाहती है तो एचआरटीसी को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों के कारण ही आज एचआरटीसी की प्रदेश में करोड़ों की संपत्ति जंग खा रही है और प्रदेश सरकार ऐसे संशोधन कर उन्हीं का साथ दे रही है। उल्लेखनीय है कि समिति का गुस्सा निजी बस ऑपरेटरों को ढांगु वाया पठानकोट रूट पर परमिट दिए जाने के बाद फूटा है। समिति का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी आगामी स्टेशन को वाया करार दिया गया है।
ढांगू रूट पर जो संशोधन हुआ है, वह सरकार के आदेशों के बाद हुआ है। समिति की शिकायतों के बारे में प्रदेश सरकार को अवगत करवा दिया गया है। प्रदेश सरकार जो भी निर्देश देगी, उसका पालन किया जाएगा। - मेजर विशाल शर्मा, आरटीओ धर्मशाला।
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संयुक्त समन्वय समिति करेगी धरना-प्रदर्शन
निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। संयुक्त समन्वय समिति धर्मशाला निजी बस ऑपरेटरों के लिए पठानकोट मार्ग पर किए गए संशोधन को लेकर वीरवार को आरटीओ कांगड़ा से मिली। इस दौरान उन्होंने इस मार्ग पर परमिट देने के लिए किए गए संशोधनों को रद्द करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश सरकार न तो ट्रांसपोर्ट पॉलिसी का पालन कर रही है और न ही नियमों को ध्यान में रखा जा रहा है। समिति ने कहा कि सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने के लिए यह संशोधन किया है। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन के भीतर यह आदेश वापस नहीं लिए गए तो उन्हें मजबूरन धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आरटीओ कांगड़ा से हुई बैठक के दौरान जसमेर राणा, प्रदीप बलौरिया, रणजीत सिंह, यशपाल, बृजपाल, प्यार सिंह, अशोक कुमार, पवन कुमार, प्रहलाद सिंह, सुनील कटोच, मिलाप चंद, विपिन कुमार, ऋषि ठाकुर, कर्मचंद, संजय चड्डा, राजेंद्र कुमार, बलदेव सिंह, सुभाष, शमशेर सिंह और बद्री प्रसाद आदि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार निजी बस ऑपरेटरों को ही लाभ पहुंचाना चाहती है तो एचआरटीसी को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों के कारण ही आज एचआरटीसी की प्रदेश में करोड़ों की संपत्ति जंग खा रही है और प्रदेश सरकार ऐसे संशोधन कर उन्हीं का साथ दे रही है। उल्लेखनीय है कि समिति का गुस्सा निजी बस ऑपरेटरों को ढांगु वाया पठानकोट रूट पर परमिट दिए जाने के बाद फूटा है। समिति का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी आगामी स्टेशन को वाया करार दिया गया है।
ढांगू रूट पर जो संशोधन हुआ है, वह सरकार के आदेशों के बाद हुआ है। समिति की शिकायतों के बारे में प्रदेश सरकार को अवगत करवा दिया गया है। प्रदेश सरकार जो भी निर्देश देगी, उसका पालन किया जाएगा। - मेजर विशाल शर्मा, आरटीओ धर्मशाला।
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