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पालमपुर में इस बार नए चेहरों में जंग
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:39 PM IST
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धर्मशाला। भाजपा के पितामह शांता कुमार और विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल के गढ़ पालमपुर में इस बार कांग्रेस और भाजपा ने नए चेहरे राजनीतिक मैदान में उतार कर सियासी जंग को रोचक बना दिया है। पालमपुर से भाजपा प्रत्याशी इंदु गोस्वामी के मुकाबले में कांग्रेस ने कई दिनों के सियासी समुद्र मंथन के बाद बृज बिहारी बुटेल के पुत्र आशीष बुटेल को मैदान में उतारा है।
बैजनाथ से ताल्लुक रखने वाली इंदु गोस्वामी पहली बार पालमपुर विधानसभा सीट से चुनावी रण में उतरी हैं। आशीष बुटेल के सामने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की चुनौती होगी। शांता के गढ़ में इंदु गोस्वामी को अल्प समय में पालमपुर की जनता के बीच पैठ बनाने के साथ ही नाराज चल रहे स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाना होगा। भाजपा के पूर्व विधायक प्रवीण कुमार टिकट न मिलने से खफा होकर आजाद चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं और पालमपुर भाजपा का एक धड़ा भी उनके समर्थन में उतर आया है जो हाईकमान के लिए सिरदर्द बना हुआ है। वहीं, कांग्रेस टिकट की दौड़ में शामिल रहे बुटेल परिवार के ही युवा सदस्य गोकुल बुटेल अपने चचेरे भाई आशीष बुटेल का कितना साथ देते हैं, यह भी दीगर रहेगा।
केवल पठानिया के सामने दोहरी चुनौती
शाहपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार केवल सिंह पठानिया दूसरी बार चुनावी रण में कूदेंगे। इससे पहले केवल पठानिया 2007 में शाहपुर हलके से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं जिसमें उन्हें भाजपा प्रत्याशी सरवीण चौधरी के सामने शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उस समय वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीडी कांड के बाद मेजर विजय सिंह मनकोटिया का टिकट काट कर पठानिया को दिया गया था, लेकिन पठानिया अपनी जमानत नहीं बचा सके थे। इन चुनावों में पठानिया के सामने सरवीण चौधरी के अलावा बतौर आजाद उम्मीदवार ताल ठोक रहे मेजर मनकोटिया के रूप में दोहरी चुनौती होगी।
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बैजनाथ से ताल्लुक रखने वाली इंदु गोस्वामी पहली बार पालमपुर विधानसभा सीट से चुनावी रण में उतरी हैं। आशीष बुटेल के सामने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की चुनौती होगी। शांता के गढ़ में इंदु गोस्वामी को अल्प समय में पालमपुर की जनता के बीच पैठ बनाने के साथ ही नाराज चल रहे स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाना होगा। भाजपा के पूर्व विधायक प्रवीण कुमार टिकट न मिलने से खफा होकर आजाद चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं और पालमपुर भाजपा का एक धड़ा भी उनके समर्थन में उतर आया है जो हाईकमान के लिए सिरदर्द बना हुआ है। वहीं, कांग्रेस टिकट की दौड़ में शामिल रहे बुटेल परिवार के ही युवा सदस्य गोकुल बुटेल अपने चचेरे भाई आशीष बुटेल का कितना साथ देते हैं, यह भी दीगर रहेगा।
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केवल पठानिया के सामने दोहरी चुनौती
शाहपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार केवल सिंह पठानिया दूसरी बार चुनावी रण में कूदेंगे। इससे पहले केवल पठानिया 2007 में शाहपुर हलके से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं जिसमें उन्हें भाजपा प्रत्याशी सरवीण चौधरी के सामने शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उस समय वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीडी कांड के बाद मेजर विजय सिंह मनकोटिया का टिकट काट कर पठानिया को दिया गया था, लेकिन पठानिया अपनी जमानत नहीं बचा सके थे। इन चुनावों में पठानिया के सामने सरवीण चौधरी के अलावा बतौर आजाद उम्मीदवार ताल ठोक रहे मेजर मनकोटिया के रूप में दोहरी चुनौती होगी।
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