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उद्योगों में बने उत्पाद बिकेंगे ऑनलाइन
Updated Sat, 17 Feb 2018 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को बिचौलियों से बचाने के लिए तकनीक का सहारा ले लिया है। उद्योग क्षेत्र में ई गवर्नमेंट प्रणाली के तहत उद्यमियों को अपना सामान ऑनलाइन बेचना सिखाएगी। प्रदेश के उद्यमी अब अपना सामान बेवसाइट के माध्यम से बेच सकेंगे।
केंद्र सरकार की ओर से सरकारी खरीद के लिए घोषित गर्वनमेंट-ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के संबंध में डीआरडीए धर्मशाला में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता संयुक्त निदेशक उद्योग टीएस नेगी ने की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा के व्यवसायियों को जानकारी देना था। वर्कशाप में करीब 50 उद्यमियों ने भाग लिया। नेगी ने बताया कि सरकार द्वारा सभी क्रय, नियंत्रक भंडार और क्रय द्वारा तय मानकों से न करके भविष्य में ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा ई-कॉर्मस की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए जीईएम पोर्टल केंद्र सरकार द्वारा विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विधि द्वारा प्रत्येक उद्यमी को जो भी अपना उत्पाद सरकार को बेचना चाहते हैं इस साइट पर पंजीकृत करवाने के उपरांत सारी जानकारी के साथ अपलोड करना होगा व क्रय करने वाला विभाग वहीं से अपना सामान सीधा खरीद सकेगा।
उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये तक क्रय करने की शक्तियां विभागीय आहरण एवं वितरण अधिकारी को सीधे तौर पर दे दी गई हैं। उन्होंने बताया कि उससे ऊपर के क्रय निविदा द्वारा निविदा की प्रक्रिया अपना कर इसी पोर्टल द्वारा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सिर्फ वही सामान जो जीईएम पर उपलब्ध नहीं होगा, नियंत्रक (भंडार एवं क्रय) की ओर से ही संचालित किया जाएगा।
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दिल्ली से आए जीईएम के विशेषज्ञ सत्यदेव शर्मा द्वारा सभी उद्यमियों और व्यापारियों को इसे पोर्टल पर पंजीकृत करवाने के बारे में विधि की जानकारी दी। इस दौरान सहायक नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) विकास जसरोटिया ने उद्यमियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर दिया और उनकी समस्याओं का समाधान किया।
उद्यमियों की ओर से आपूर्ति का ऑर्डर लेने और सामान देने के समय के दौरान यदि कच्चे माल के दाम बढ़ जाते हैं तो इस योजना में कोई व्यवस्था न होने पर रोष व्यक्त किया गया। इसके अतिरिक्त हिमाचल में उत्पादन लागत अन्य राज्यों से अधिक होने की वजह से उद्यमियों की ओर से प्रतिस्पर्धा में आने वाली समस्या के बारे में भी विभाग को अवगत करवाया। इस पर संयुक्त उद्योग विभाग के निदेशक ने मामला सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र कांगड़ा के महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरयाल और हमीरपुर के महाप्रबंधक विजय चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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धर्मशाला। प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को बिचौलियों से बचाने के लिए तकनीक का सहारा ले लिया है। उद्योग क्षेत्र में ई गवर्नमेंट प्रणाली के तहत उद्यमियों को अपना सामान ऑनलाइन बेचना सिखाएगी। प्रदेश के उद्यमी अब अपना सामान बेवसाइट के माध्यम से बेच सकेंगे।
केंद्र सरकार की ओर से सरकारी खरीद के लिए घोषित गर्वनमेंट-ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के संबंध में डीआरडीए धर्मशाला में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता संयुक्त निदेशक उद्योग टीएस नेगी ने की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा के व्यवसायियों को जानकारी देना था। वर्कशाप में करीब 50 उद्यमियों ने भाग लिया। नेगी ने बताया कि सरकार द्वारा सभी क्रय, नियंत्रक भंडार और क्रय द्वारा तय मानकों से न करके भविष्य में ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा ई-कॉर्मस की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए जीईएम पोर्टल केंद्र सरकार द्वारा विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विधि द्वारा प्रत्येक उद्यमी को जो भी अपना उत्पाद सरकार को बेचना चाहते हैं इस साइट पर पंजीकृत करवाने के उपरांत सारी जानकारी के साथ अपलोड करना होगा व क्रय करने वाला विभाग वहीं से अपना सामान सीधा खरीद सकेगा।
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उन्होंने बताया कि 50 हजार रुपये तक क्रय करने की शक्तियां विभागीय आहरण एवं वितरण अधिकारी को सीधे तौर पर दे दी गई हैं। उन्होंने बताया कि उससे ऊपर के क्रय निविदा द्वारा निविदा की प्रक्रिया अपना कर इसी पोर्टल द्वारा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सिर्फ वही सामान जो जीईएम पर उपलब्ध नहीं होगा, नियंत्रक (भंडार एवं क्रय) की ओर से ही संचालित किया जाएगा।
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दिल्ली से आए जीईएम के विशेषज्ञ सत्यदेव शर्मा द्वारा सभी उद्यमियों और व्यापारियों को इसे पोर्टल पर पंजीकृत करवाने के बारे में विधि की जानकारी दी। इस दौरान सहायक नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) विकास जसरोटिया ने उद्यमियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर दिया और उनकी समस्याओं का समाधान किया।
उद्यमियों की ओर से आपूर्ति का ऑर्डर लेने और सामान देने के समय के दौरान यदि कच्चे माल के दाम बढ़ जाते हैं तो इस योजना में कोई व्यवस्था न होने पर रोष व्यक्त किया गया। इसके अतिरिक्त हिमाचल में उत्पादन लागत अन्य राज्यों से अधिक होने की वजह से उद्यमियों की ओर से प्रतिस्पर्धा में आने वाली समस्या के बारे में भी विभाग को अवगत करवाया। इस पर संयुक्त उद्योग विभाग के निदेशक ने मामला सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र कांगड़ा के महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरयाल और हमीरपुर के महाप्रबंधक विजय चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।