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लोहार, डोगरी, बाडी उपजातियों के साथ लगे गद्दी शब्द:संघ
Updated Sun, 13 May 2018 12:00 AM IST
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लोहार, डोगरी उपजातियों के साथ जोड़ा जाए गद्दी शब्द : संघ
चंबा में हिमालयन गद्दी यूनियन की बैठक आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। हिमालयन गद्दी यूनियन की बैठक यूनियन के महासचिव एडवोकेट राजकपूर की अध्यक्षता में चंबा में हुई। बैठक में समुदाय की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। राजकपूर ने कहा कि डोगरी, लोहार जातियों के साथ गद्दी शब्द जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1864 के राजस्व सेटलमेंट रिकॉर्ड में गद्दी समुदाय की 13 उप जातियां थीं, लेकिन समय बीतने के साथ लोहार, सिप्पी, हाली, बाडी और डोगरी आदि जातियों से गद्दी शब्द हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि गद्दी शब्द हटाने के बाद से ये उपजातियां अंधेरे में जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर हैं। इन उप जातियों के लोग अब भी मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन उपजातियों के साथ न्याय करते हुए गद्दी समुदाय को मिलने वाली सुविधाओं के बराबर सुविधाएं देने का आग्रह किया है। सरकार ने जल्द ही इस तरफ सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया, तो इन उपजातियों के लोगों को मजबूरन सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा। इस मौके पर रविंद्र कुमार, रमेश, राजिंद्र और डोंकु राम आदि मौजूद रहे।
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चंबा में हिमालयन गद्दी यूनियन की बैठक आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। हिमालयन गद्दी यूनियन की बैठक यूनियन के महासचिव एडवोकेट राजकपूर की अध्यक्षता में चंबा में हुई। बैठक में समुदाय की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। राजकपूर ने कहा कि डोगरी, लोहार जातियों के साथ गद्दी शब्द जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1864 के राजस्व सेटलमेंट रिकॉर्ड में गद्दी समुदाय की 13 उप जातियां थीं, लेकिन समय बीतने के साथ लोहार, सिप्पी, हाली, बाडी और डोगरी आदि जातियों से गद्दी शब्द हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि गद्दी शब्द हटाने के बाद से ये उपजातियां अंधेरे में जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर हैं। इन उप जातियों के लोग अब भी मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन उपजातियों के साथ न्याय करते हुए गद्दी समुदाय को मिलने वाली सुविधाओं के बराबर सुविधाएं देने का आग्रह किया है। सरकार ने जल्द ही इस तरफ सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया, तो इन उपजातियों के लोगों को मजबूरन सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा। इस मौके पर रविंद्र कुमार, रमेश, राजिंद्र और डोंकु राम आदि मौजूद रहे।