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बैजनाथ अस्पताल का दर्जा बढ़ा, नहीं मिला स्टाफ
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार ने भले ही सिविल अस्पताल बैजनाथ का दर्जा बढ़ा दिया है, लेकिन अभी भी सिविल अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं ठीक ढंग से नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में तीन विषेशज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। फिर भी अस्पताल में अभी भी चर्म रोग सहित कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है।
सिविल अस्पताल की डॉक्टरों सहित कई कमियों के चलते अस्पताल की ओपीडी में भी गिरावट दर्ज की गई है। अस्पताल में ईएनटी, गायनी के डॉक्टर तो सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अन्य कई बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। अस्पताल के समीप फैली गंदगी से वहां बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जबकि शौचालयों की पाइपें खस्ताहाल होने के कारण गंदगी खीर गंगा घाट के समीप पहाड़ी पर रिसती नजर आती है।
अस्पताल के अंदर एक बेहतर जेनरेटर तक की व्यवस्था नहीं है। केवल एक इनवर्टर के सहारे लैब टेस्टों के लिए बिजली का प्रावधान है। सनद रहे कि इस अस्पताल में जोगिंद्रनगर से लेकर धार चढियार की जनता आश्रित है, लेकिन कमियों के कारण आए दिन मरीजों को अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। उधर, बैजनाथ के बीएमओ एवं कार्यवाहक एसएमओ डॉ. विवेक सूद ने बताया कि वे फिल्हाल छुट्टी पर हैं। इस बारे उन्हें अधिकारिक तौर पर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि स्टाफ कितना कम है।
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कोट
जल्द दूर होगी विशेषज्ञ चिकित्सकों की समस्या : प्रेमी
बैजनाथ के नवनिर्वाचित विधायक मुलख राज प्रेमी ने कहा कि प्रदेश सहित बैजनाथ हलके में भाजपा को लोगों ने पूर्ण बहुमत दिया है। इलाके की हर समस्या का समाधान करने के लिए वे पुरजोर कोशिश करेंगे। प्रेमी ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद वे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले को लेकर प्रमुखता से बात करेंगे।
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बैजनाथ (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार ने भले ही सिविल अस्पताल बैजनाथ का दर्जा बढ़ा दिया है, लेकिन अभी भी सिविल अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं ठीक ढंग से नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में तीन विषेशज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। फिर भी अस्पताल में अभी भी चर्म रोग सहित कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है।
सिविल अस्पताल की डॉक्टरों सहित कई कमियों के चलते अस्पताल की ओपीडी में भी गिरावट दर्ज की गई है। अस्पताल में ईएनटी, गायनी के डॉक्टर तो सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अन्य कई बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। अस्पताल के समीप फैली गंदगी से वहां बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जबकि शौचालयों की पाइपें खस्ताहाल होने के कारण गंदगी खीर गंगा घाट के समीप पहाड़ी पर रिसती नजर आती है।
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अस्पताल के अंदर एक बेहतर जेनरेटर तक की व्यवस्था नहीं है। केवल एक इनवर्टर के सहारे लैब टेस्टों के लिए बिजली का प्रावधान है। सनद रहे कि इस अस्पताल में जोगिंद्रनगर से लेकर धार चढियार की जनता आश्रित है, लेकिन कमियों के कारण आए दिन मरीजों को अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। उधर, बैजनाथ के बीएमओ एवं कार्यवाहक एसएमओ डॉ. विवेक सूद ने बताया कि वे फिल्हाल छुट्टी पर हैं। इस बारे उन्हें अधिकारिक तौर पर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि स्टाफ कितना कम है।
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जल्द दूर होगी विशेषज्ञ चिकित्सकों की समस्या : प्रेमी
बैजनाथ के नवनिर्वाचित विधायक मुलख राज प्रेमी ने कहा कि प्रदेश सहित बैजनाथ हलके में भाजपा को लोगों ने पूर्ण बहुमत दिया है। इलाके की हर समस्या का समाधान करने के लिए वे पुरजोर कोशिश करेंगे। प्रेमी ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद वे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले को लेकर प्रमुखता से बात करेंगे।