{"_id":"606600a48ebc3e8d320f4c6f","slug":"16-home-guards-removed-from-jwalamukhi-temple-kangra-news-sml366138665","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्वालामुखी मंदिर से होमगार्ड के जवानों को सुरक्षा जिम्मेदारी से हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्वालामुखी मंदिर से होमगार्ड के जवानों को सुरक्षा जिम्मेदारी से हटाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर से होमगार्ड के 16 जवानों को सुरक्षा की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक निकट भविष्य में उनके स्थान पर निजी सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारियों की तैनाती करने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। इस वजह से ज्वालामुखी और आसपास के क्षेत्र की जनता ने कड़ा विरोध करते हुए प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
गौरतलब है कि वर्ष 1987 से होमगार्ड के जवान प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। छोटी सी समय अवधि के बाद पुराने होमगार्डों के स्थान पर नए होमगार्ड रोटेशन के आधार पर मंदिरों में तैनात किए जाते हैं और बारी बारी से यह क्रम चलता है।
होमगार्ड के जवान मंदिर में यात्रियों को दर्शन करवाने के लिए लाइनों की व्यवस्था करवाने और अन्य कार्य करते आ रहे हैं। ज्वालामुखी मंदिर में पिछले कल होमगार्ड के जवानों को ड्यूटी से हटा दिया गया था, जिसका न्यास सदस्यों को भी पता नहीं था। इस पर कई न्यास सदस्यों ने भी ऐतराज जताते हुए कहा कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले प्रशासन ने मंदिर न्यास ज्वालामुखी के सदस्यों की राय लेना भी उचित नहीं समझा। इससे उनमें भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। 13 अप्रैल से चैत्र माह के नवरात्र शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे में गृह रक्षकों को हटा दिया जाना भी समझ से परे है। हालांकि नवरात्रों में अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा कर्मचारी, गृह रक्षक लगवाए जा रहे हैं, परंतु नियमित गृह रक्षकों को हटा देने से व्यवस्था कुछ बिगड़ सकती है। इससे पहले भी एक बार निजी सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षा कर्मचारियों को मंदिरों में लगाया गया था। उसके कड़वे परिणाम भुगतने पड़े थे।
विज्ञापन
एसडीएम ज्वालामुखी धनवीर ठाकुर ने बताया कि पिछले कल गृह रक्षक मंदिर से रवाना हो गए हैं। सरकार व प्रशासन निजी एजेंसियों की तैनाती के बारे में योजना बना रहे हैं। जो भी आदेश जिलाधीश कार्यालय से प्राप्त होंगे, उनकी अनुपालना की जाएगी। वहीं, स्थानीय विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है। वह जिलाधीश से इस संदर्भ में बातचीत करेंगे। उसके बाद ही वह कुछ कह पाएंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि वर्ष 1987 से होमगार्ड के जवान प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। छोटी सी समय अवधि के बाद पुराने होमगार्डों के स्थान पर नए होमगार्ड रोटेशन के आधार पर मंदिरों में तैनात किए जाते हैं और बारी बारी से यह क्रम चलता है।
विज्ञापन
होमगार्ड के जवान मंदिर में यात्रियों को दर्शन करवाने के लिए लाइनों की व्यवस्था करवाने और अन्य कार्य करते आ रहे हैं। ज्वालामुखी मंदिर में पिछले कल होमगार्ड के जवानों को ड्यूटी से हटा दिया गया था, जिसका न्यास सदस्यों को भी पता नहीं था। इस पर कई न्यास सदस्यों ने भी ऐतराज जताते हुए कहा कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले प्रशासन ने मंदिर न्यास ज्वालामुखी के सदस्यों की राय लेना भी उचित नहीं समझा। इससे उनमें भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। 13 अप्रैल से चैत्र माह के नवरात्र शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे में गृह रक्षकों को हटा दिया जाना भी समझ से परे है। हालांकि नवरात्रों में अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा कर्मचारी, गृह रक्षक लगवाए जा रहे हैं, परंतु नियमित गृह रक्षकों को हटा देने से व्यवस्था कुछ बिगड़ सकती है। इससे पहले भी एक बार निजी सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षा कर्मचारियों को मंदिरों में लगाया गया था। उसके कड़वे परिणाम भुगतने पड़े थे।
विज्ञापन
एसडीएम ज्वालामुखी धनवीर ठाकुर ने बताया कि पिछले कल गृह रक्षक मंदिर से रवाना हो गए हैं। सरकार व प्रशासन निजी एजेंसियों की तैनाती के बारे में योजना बना रहे हैं। जो भी आदेश जिलाधीश कार्यालय से प्राप्त होंगे, उनकी अनुपालना की जाएगी। वहीं, स्थानीय विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है। वह जिलाधीश से इस संदर्भ में बातचीत करेंगे। उसके बाद ही वह कुछ कह पाएंगे।