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बनेर खड्ड पर बना पुल बना सेल्फी प्वाइंट
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लंज(कांगड़ा)। बनेर खड्ड पर लोहे की रस्सियों पर बने पुल इन दिनों सेल्फी लेने वालों की पहली पसंद बनी हुआ है। वैसे तो लोक निर्माण विभाग ने करोड़ों रुपये से निर्मित इस पुल को दूसरी जगह लगाने के बारे में नहीं सोचा पर यह पुल आज कल सोशल मीडिया पर युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है। इस पुल पर वाहनों की आवाजाही पिछले एक साल से बिलकुल बंद पड़ी हुई है। इस वजह से इस पुल के रस्सों पर भी युवा चढ़कर सेल्फी लेने से परहेज नहीं कर रहे हैं। इस पुल को शिफ्ट कर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की मनेई पंचायत के गांव मोवा, गुजरेड़ा, पंदरेला को लंज से जोड़ने की बात पूर्व प्रदेश सरकार ने की थी।
मोवा पुल की घोषणा भी हवा हवाई
लंज में एक जनसभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मोवा के लिए पुल बनाने की घोषणा भी की थी। इसका शिलान्यास भी किया गया था। रानीताल के इस पुल को मनेई पंचायत के मोवा गांव को लंज के साथ जोड़ने के लिए यहां से शिफ्ट करने की बात भी कही जा रही थी, पर न तो यह पुल शिफ्ट हुआ न ही पुल के लिए पैसे मंजूर हो पाए हैं। अब पुल पिछले एक साल से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कभी टनों वाहनों का भार सहने वाला पुल धीरे-धीरे जंग में तबदील हो रहा है।
कोट्स
-लोक निर्माण विभाग कांगड़ा के अधिशासी अभियंता यशपाल विशिष्ट ने कहा कि रानीताल पुल को कहीं पर शिफ्ट करना तकनीकी विभाग का काम है। इस पुल को मोवा गांव में शिफ्ट करने का कोई भी प्रस्ताव नहीं है। मोवा पुल के लिए अलग से चार करोड़ 60 लाख रुपये का एस्टीमेंट बनाकर भेजा है।
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लंज(कांगड़ा)। बनेर खड्ड पर लोहे की रस्सियों पर बने पुल इन दिनों सेल्फी लेने वालों की पहली पसंद बनी हुआ है। वैसे तो लोक निर्माण विभाग ने करोड़ों रुपये से निर्मित इस पुल को दूसरी जगह लगाने के बारे में नहीं सोचा पर यह पुल आज कल सोशल मीडिया पर युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है। इस पुल पर वाहनों की आवाजाही पिछले एक साल से बिलकुल बंद पड़ी हुई है। इस वजह से इस पुल के रस्सों पर भी युवा चढ़कर सेल्फी लेने से परहेज नहीं कर रहे हैं। इस पुल को शिफ्ट कर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की मनेई पंचायत के गांव मोवा, गुजरेड़ा, पंदरेला को लंज से जोड़ने की बात पूर्व प्रदेश सरकार ने की थी।
मोवा पुल की घोषणा भी हवा हवाई
लंज में एक जनसभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मोवा के लिए पुल बनाने की घोषणा भी की थी। इसका शिलान्यास भी किया गया था। रानीताल के इस पुल को मनेई पंचायत के मोवा गांव को लंज के साथ जोड़ने के लिए यहां से शिफ्ट करने की बात भी कही जा रही थी, पर न तो यह पुल शिफ्ट हुआ न ही पुल के लिए पैसे मंजूर हो पाए हैं। अब पुल पिछले एक साल से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कभी टनों वाहनों का भार सहने वाला पुल धीरे-धीरे जंग में तबदील हो रहा है।
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कोट्स
-लोक निर्माण विभाग कांगड़ा के अधिशासी अभियंता यशपाल विशिष्ट ने कहा कि रानीताल पुल को कहीं पर शिफ्ट करना तकनीकी विभाग का काम है। इस पुल को मोवा गांव में शिफ्ट करने का कोई भी प्रस्ताव नहीं है। मोवा पुल के लिए अलग से चार करोड़ 60 लाख रुपये का एस्टीमेंट बनाकर भेजा है।
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