{"_id":"5c69a652bdec2273a67ca7cd","slug":"131550427730-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के खिलाफ बेरोजगार शिक्षकों का हल्ला बोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के खिलाफ बेरोजगार शिक्षकों का हल्ला बोल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांगड़ा। अपनी मांगों की लगातार अनदेखी के चलते प्रदेश बेरोजगार प्रशिक्षित संघ ने सरकार के खिलाफ कांगड़ा में आक्रोश रैली निकाली। रविवार को कांगड़ा में बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने नप मैदान में प्रदेशभर से आए बेरोजगार शिक्षकों ने पहले पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके उपरांत सरकार के खिलाफ शहर में रैली निकाली। इस दौरान शारीरिक शिक्षकों ने सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी की।
साथ ही चेतावनी भी दी है कि उनकी मांगें न मानी गईं तो लोस चुनावों में सरकार इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहे। संघ के प्रदेशाध्यक्ष संदीप घई ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शारीरिक शिक्षकों के 2 हजार पद भरने का आश्वासन दिया था, लेकिन बजट सत्र में शारीरिक शिक्षकों की अनदेखी की गई। बेरोजगार शारीरिक शिक्षक सरकार के इस सौतेले व्यवहार से आक्रोश में हैं। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल धीमान और सचिव संजीव ने कहा कि बेरोजगार शिक्षक सरकार की गलत नीतियों का शिकार हो रहे हैं।
अधिकतर बेरोजगार प्रशिक्षित नौकरी की आस में 40 से 45 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। अगर प्रदेश सरकार स्कूली छात्रों को शारीरिक शिक्षा नहीं देना चाहती तो एससीवीटी संस्थानों से बेरोजगारों को प्रशिक्षण क्यों दिलवाया गया? संघ की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो लोस चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
साथ ही चेतावनी भी दी है कि उनकी मांगें न मानी गईं तो लोस चुनावों में सरकार इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहे। संघ के प्रदेशाध्यक्ष संदीप घई ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शारीरिक शिक्षकों के 2 हजार पद भरने का आश्वासन दिया था, लेकिन बजट सत्र में शारीरिक शिक्षकों की अनदेखी की गई। बेरोजगार शारीरिक शिक्षक सरकार के इस सौतेले व्यवहार से आक्रोश में हैं। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल धीमान और सचिव संजीव ने कहा कि बेरोजगार शिक्षक सरकार की गलत नीतियों का शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन
अधिकतर बेरोजगार प्रशिक्षित नौकरी की आस में 40 से 45 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। अगर प्रदेश सरकार स्कूली छात्रों को शारीरिक शिक्षा नहीं देना चाहती तो एससीवीटी संस्थानों से बेरोजगारों को प्रशिक्षण क्यों दिलवाया गया? संघ की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो लोस चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
विज्ञापन