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मनाली की तैरती बस ने डुबोया हिमाचल का पर्यटन
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:44 PM IST
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मनाली में हुई तबाही का असर अब पर्यटन सीजन पर
मैक्लोडगंज के होटलों में 21 नवंबर तक की है बुकिंग
21 के बाद किसी भी होटल में नहीं है पर्यटकों की अग्रिम बुकिंग
विपिन चौधरी
धर्मशाला। बरसात के मौसम में पर्यटन नगरी मनाली में हुई तबाही का असर अब पर्यटन सीजन पर भी देखने को मिल रहा है। मनाली में तैरती हुई बस के वीडियो ने हिमाचल के पर्यटन को पूरी तरह से डुबो दिया है। बरसात में हुई तबाही की प्रतिपूर्ति का मेसेज प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों से यहां आने वाले पर्यटकों तक नहीं पहुंचा पाई है, जिसके चलते पर्यटक अभी भी समझ रहे हैं कि हिमाचल में सड़कों की हालत खस्ता है और यहां पर बिजली-पानी का संकट है। इस कारण पर्यटन सीजन होने के बावजूद पर्यटकों ने प्रदेश का रुख नहीं किया है। होटल एसोसिएशन मैक्लोडगंज के अध्यक्ष अश्विनी बाबा के अनुसार होटल व्यवसायी कई बार प्रदेश सरकार से बाहरी राज्यों में यहां की स्थिति के बारे में मेसेज करने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई भी उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब एसोसिएशन के लोग अपने स्तर पर ही देश भर में लगने वाले ट्रेड फेयरों में जाकर लोगों को हिमाचल की सही स्थिति के बारे में अवगत करवा रहे हैं, ताकि पर्यटकों का रुझान फिर से प्रदेश की तरफ आ सके। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में होटलों में मात्र 30 प्रतिशत तक की ही आक्यूपेंसी है। यह भी 21 नवंबर तक के लिए है। इसके बाद मैक्लोडगंज सहित अन्य पर्यटन क्षेत्रों के होटल पूरी तरह से पर्यटकों से खाली हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष यह इस दौरान प्रदेश भर के होटलों में 70 प्रतिशत के करीब आक्यूपेंसी रहती थी, जो इस बार 21 नवंबर के बाद पूरी तरह से शून्य हो जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग से मांग की है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल की स्थिति के बारे में लोगों को बताया जाए, ताकि यहां के रुके हुए पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
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मैक्लोडगंज के होटलों में 21 नवंबर तक की है बुकिंग
21 के बाद किसी भी होटल में नहीं है पर्यटकों की अग्रिम बुकिंग
विपिन चौधरी
धर्मशाला। बरसात के मौसम में पर्यटन नगरी मनाली में हुई तबाही का असर अब पर्यटन सीजन पर भी देखने को मिल रहा है। मनाली में तैरती हुई बस के वीडियो ने हिमाचल के पर्यटन को पूरी तरह से डुबो दिया है। बरसात में हुई तबाही की प्रतिपूर्ति का मेसेज प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों से यहां आने वाले पर्यटकों तक नहीं पहुंचा पाई है, जिसके चलते पर्यटक अभी भी समझ रहे हैं कि हिमाचल में सड़कों की हालत खस्ता है और यहां पर बिजली-पानी का संकट है। इस कारण पर्यटन सीजन होने के बावजूद पर्यटकों ने प्रदेश का रुख नहीं किया है। होटल एसोसिएशन मैक्लोडगंज के अध्यक्ष अश्विनी बाबा के अनुसार होटल व्यवसायी कई बार प्रदेश सरकार से बाहरी राज्यों में यहां की स्थिति के बारे में मेसेज करने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई भी उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब एसोसिएशन के लोग अपने स्तर पर ही देश भर में लगने वाले ट्रेड फेयरों में जाकर लोगों को हिमाचल की सही स्थिति के बारे में अवगत करवा रहे हैं, ताकि पर्यटकों का रुझान फिर से प्रदेश की तरफ आ सके। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में होटलों में मात्र 30 प्रतिशत तक की ही आक्यूपेंसी है। यह भी 21 नवंबर तक के लिए है। इसके बाद मैक्लोडगंज सहित अन्य पर्यटन क्षेत्रों के होटल पूरी तरह से पर्यटकों से खाली हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष यह इस दौरान प्रदेश भर के होटलों में 70 प्रतिशत के करीब आक्यूपेंसी रहती थी, जो इस बार 21 नवंबर के बाद पूरी तरह से शून्य हो जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग से मांग की है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल की स्थिति के बारे में लोगों को बताया जाए, ताकि यहां के रुके हुए पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।