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संर्पदश पर क्या करें, घर-घर जाकर बताई आशा वर्कर

Sun, 15 Apr 2018 11:44 PM IST
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:44 PM IST
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संर्पदश पर क्या करें, घर-घर जाकर बताई आशा वर्कर
सांप के काटने पर क्या करें, घर-घर जाकर बताएंगी आशा वर्कर
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जिला भर में स्वास्थ्य विभाग चलाएगा जागरूकता अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। स्वास्थ्य विभाग इस बार सर्पदंश के मामलों को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस बार जिला में स्वास्थ्य विभाग विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। इसमें आशा वर्कर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को घर-घर जाकर सर्पदंश होने पर क्या करना है। इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देगी। विभाग ने जिला के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को इस बारे सर्कुलर जारी किया है। जिसमें जागरूकता अभियान चलाने की हिदायत दी है।
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झाड़ फूंक पर समय न करें बर्बाद
स्वास्थ्य विभाग ने जिला के लोगों से झाड़ फूंक पर समय बर्बाद न करने की सलाह दी है। विभाग ने सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को चिकित्सा उपचार के लिए तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाने की अपील की है। जिला की सभी सीएचसी में 24 घंटे खुला रहा जाएगा, ताकि सर्पदंश व्यक्ति को एंटी वेनम इंजेक्शन लगाया जा सके।
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यहां चलेगी विशेष मुहिम
जिला के इंदौरा, जवाली, फतेहपुर, नूरपुर उपमंडल के चलेगी विशेष मुहिम चलाई जाएगी। गर्मियों एवं बरसात के मौसम में इस क्षेत्रों में सांप के काटने का अधिक खतरा रहता है। अन्य उपमंडलों में भी जागरूकता अभियान चलेगा। इसके अलावा 108 एंबुलेेंस में भी सर्प विषरोधी दवाएं उपलब्ध रहेंगी, जो पीड़ित को तत्काल दी जाती हैं।
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इस तरह करें पहचान
सर्पदंश के दौरान काटी गई जगह पर दांतों का निशान, हल्की दर्द और उसके चारों तरफ लाली से पहचाना जा सकता है। यदि काटी गई जगह के आस पास की त्वचा में अत्यधिक लचीलापन एवं सूजन है, तो यह सर्पदंश के लक्षण हो सकते हैं। बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ, खून के धब्बे उभरना, पसीना आना इत्यादि भी सर्पदंश के सामान्य लक्षणों में सम्मिलित हैं।
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पीड़ित को बैंडेज न बांधें
सांप के काटने पर पीड़ित को बैंडेज न बांधें। रक्त बहाव को रोकने का प्रयास न करें। इससें बाजू या टांग को खोने का नुकसान हो सकता है। सर्पदंश की जगह को न काटें। इससे जख्म और ज्यादा बढ़ सकता है। सर्पदंश वाली जगह मुंह लगाकर विष चूसने का प्रयास न करें। जख्म पर बर्फ या दूसरा ठंडा करने वाले पदार्थ का कोई प्रयोग न करें इससे जख्म ओर बढ़ सकता है। सर्पदंश की जगह विद्युत तरंगों का प्रवाह बिल्कुल न करें। इससे विष का प्रभाव कम नहीं होगा बल्कि स्थिति ओर बदतर हो जाएगी। सांप को मारने और पकड़ने में समय न गवाएं। पीड़ित को खाने अथवा पीने को कुछ न दें।

कोट्स
मुख्या चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. आरएस राणा ने कहा कि सर्पदंश को लेकर इस बार जिला में विशेष जागरूकता चलाया जाएगा। जिसके लिए सभी बीएमओं को निर्देश दिए गए हैं। सभी सीएचसी में 24 घंटे सर्पदंश व्यक्ति के उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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