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सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे परिवहन पेंशनर्स
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी कल्याण मंच ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मतदान करने का एलान किया है। मंच का आरोप है कि पांच साल में न ही एचआरटीसी के पेंशनरों की पेंशन संबंधित समस्या का सरकार ने स्थायी समाधान किया है। न ही मंच की अन्य मांगों को माना है। इसलिए एचआरटीसी पेंशनर्स ने सर्वसम्मति से प्रदेश सरकार के खिलाफ मतदान करने का फैसला लिया है। रविवार को हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी कल्याण मंच की कांगड़ा में मंच के प्रदेश महामंत्री वीर सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई प्रदेश संचालन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक में मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच सालों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, परिवहन मंत्री जीएस बाली और प्रदेश सरकार वित्त सचिव से करीब 50 बार अपनी मांगों को लेकर मिल चुका है। इस दौरान मंच ने नेताओं और अधिकारियों को अपने मांग पत्र सौंपे, लेकिन पांच साल में मंच के पदाधिकारियों को सरकार और अधिकारियों से केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि एचआरटीसी के पेंशनर्स को नियमित रूप से पेंशन नहीं मिल पा रही है। इसलिए मंच सरकार ने एचआरटीसी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन की स्थायी व्यवस्था करने की मांग उठाता आया है। इसके अलावा लंबित भत्तों के भुगतान सहित अन्य सुविधाओं की मांगों को भी सरकार और अधिकारियों के समक्ष रखा गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बैठक में मंच के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष चमन लाल पुंडीर, मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविकांत शर्मा, प्रदेश संगठनमंत्री कुलदीप सिंह गुलेरिया, उपाध्यक्ष होशियार सिंह गुलेरिया, किशोरी लाल, अंबिका प्रसाद, हरदयाल सिंह, मेघराज, मेहर सिंह, अशोक, निर्मल सिंह, कुलदीप चंद, मोहन लाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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धर्मशाला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी कल्याण मंच ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मतदान करने का एलान किया है। मंच का आरोप है कि पांच साल में न ही एचआरटीसी के पेंशनरों की पेंशन संबंधित समस्या का सरकार ने स्थायी समाधान किया है। न ही मंच की अन्य मांगों को माना है। इसलिए एचआरटीसी पेंशनर्स ने सर्वसम्मति से प्रदेश सरकार के खिलाफ मतदान करने का फैसला लिया है। रविवार को हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी कल्याण मंच की कांगड़ा में मंच के प्रदेश महामंत्री वीर सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई प्रदेश संचालन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक में मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच सालों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, परिवहन मंत्री जीएस बाली और प्रदेश सरकार वित्त सचिव से करीब 50 बार अपनी मांगों को लेकर मिल चुका है। इस दौरान मंच ने नेताओं और अधिकारियों को अपने मांग पत्र सौंपे, लेकिन पांच साल में मंच के पदाधिकारियों को सरकार और अधिकारियों से केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि एचआरटीसी के पेंशनर्स को नियमित रूप से पेंशन नहीं मिल पा रही है। इसलिए मंच सरकार ने एचआरटीसी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन की स्थायी व्यवस्था करने की मांग उठाता आया है। इसके अलावा लंबित भत्तों के भुगतान सहित अन्य सुविधाओं की मांगों को भी सरकार और अधिकारियों के समक्ष रखा गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बैठक में मंच के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष चमन लाल पुंडीर, मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविकांत शर्मा, प्रदेश संगठनमंत्री कुलदीप सिंह गुलेरिया, उपाध्यक्ष होशियार सिंह गुलेरिया, किशोरी लाल, अंबिका प्रसाद, हरदयाल सिंह, मेघराज, मेहर सिंह, अशोक, निर्मल सिंह, कुलदीप चंद, मोहन लाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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