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जसूर में फ्लाई ओवर नहीं बाईपास का हो निर्माण
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:44 PM IST
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जसूर में फ्लाई ओवर नहीं बाईपास बनाया जाए
व्यापार मंडल और मार्केट वेलफेयर कमेटी जसूर ने रखा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
जसूर (कांगड़ा)। व्यापारिक कस्बे जसूर के व्यापार मंडल और मार्केट वेलफेयर कमेटी जसूर की संयुक्त बैठक डॉ. चंद्र और राजीव राजू की अध्यक्षता में हुई। इसमें फोरलेन परियोजना के तहत जसूर में प्रस्तावित फ्लाई ओवर को लेकर विचार विमर्श किया गया। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि सांसद शांता कुमार और संबंधित विभाग से इस संदर्भ में मांग की जाए कि फ्लाई ओवर के कारण एक समय तक जसूर बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहेगा और इसके बनने से बाजार इसके नीचे दब के रह जाएगा। फ्लाई ओवर बनने की दशा में कई कारोबारी परिसरों की भूमि इसकी जद में आ रही है। जिनका वजूद खत्म होना तय है। इसके लिए इसका विकल्प तलाश किया जाना जरूरी है। बैठक में चर्चा हुई कि फ्लाईओवर के बजाय बाईपास सड़क का निर्माण किया जाए, ताकि इसके जसूर बाजार का वर्तमान स्वरूप बना रहे। वहीं, जसूर में प्रस्तावित फ्लाई ओवर के अनुमानित 90 करोड़ के खर्चे से ज्यादा बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त उस करोड़ों के खर्चे से भी निजात पाई जा सकती है, जिसके तहत बिजली के विशाल टावरों जो कि कस्बा जसूर सड़क के किनारे खड़े है, उनको प्रस्तावित जसूर बाजार में स्थान बदलने के कारण आना निश्चित है। मार्केट वेलफेयर कमेटी और व्यापार मंडल की एक बैठक रेस्ट हाउस जसूर में सोमवार बजे रखी गई है। इस दौरान अंतिम रणनीति तय की जाएगी।
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व्यापार मंडल और मार्केट वेलफेयर कमेटी जसूर ने रखा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
जसूर (कांगड़ा)। व्यापारिक कस्बे जसूर के व्यापार मंडल और मार्केट वेलफेयर कमेटी जसूर की संयुक्त बैठक डॉ. चंद्र और राजीव राजू की अध्यक्षता में हुई। इसमें फोरलेन परियोजना के तहत जसूर में प्रस्तावित फ्लाई ओवर को लेकर विचार विमर्श किया गया। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि सांसद शांता कुमार और संबंधित विभाग से इस संदर्भ में मांग की जाए कि फ्लाई ओवर के कारण एक समय तक जसूर बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहेगा और इसके बनने से बाजार इसके नीचे दब के रह जाएगा। फ्लाई ओवर बनने की दशा में कई कारोबारी परिसरों की भूमि इसकी जद में आ रही है। जिनका वजूद खत्म होना तय है। इसके लिए इसका विकल्प तलाश किया जाना जरूरी है। बैठक में चर्चा हुई कि फ्लाईओवर के बजाय बाईपास सड़क का निर्माण किया जाए, ताकि इसके जसूर बाजार का वर्तमान स्वरूप बना रहे। वहीं, जसूर में प्रस्तावित फ्लाई ओवर के अनुमानित 90 करोड़ के खर्चे से ज्यादा बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त उस करोड़ों के खर्चे से भी निजात पाई जा सकती है, जिसके तहत बिजली के विशाल टावरों जो कि कस्बा जसूर सड़क के किनारे खड़े है, उनको प्रस्तावित जसूर बाजार में स्थान बदलने के कारण आना निश्चित है। मार्केट वेलफेयर कमेटी और व्यापार मंडल की एक बैठक रेस्ट हाउस जसूर में सोमवार बजे रखी गई है। इस दौरान अंतिम रणनीति तय की जाएगी।