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आईआरडीपी सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में धांधली के लगे आरोप
Updated Sun, 25 Mar 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लंज (कांगड़ा)। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की भरूपलाहड़ पंचायत में आईआरडीपी की सर्वे रिपोर्ट में धांधली के आरोपों के बीच बैठक में भारी हंगामा हुआ। रिपोर्ट में धांधली के आरोपों के बाद रिपोर्ट का निरस्त कर दोबारा आईआरडीपी की सूची बनाने का फैसला लिया गया है।
पंचायत के लोगों में मलकीयत सिंह धीमान, गोपाल दास, कुष्ण कुमार, छलो राम, रूमाल सिंह, शशिपाल, शिवी सिंह, करतार चंद, जोगिंद्र सिंह, चमन लाल, दर्शना देवी, शशि वाला, मीना कुमारी, पवना देवी, ईश्वर दास और रक्षपाल सिंह का कहना है कि तीन सदस्यीय टीम ने आईआरडीपी चयन के लिए रिपोर्ट तैयार की है। इसमें धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि पात्र लोगों को सूची से बाहर रखा गया है, जबकि अपात्रों को इसमें शामिल किया गया है। बैठक में कमेटी के सदस्य रहे पटवारी ने तो बैठक में आना भी उचित नहीं समझा। लोगों का आरोप है कि 25 लोग आईआरडीपी में डाले हैं। इनमें से बहुत से लोग आईआरडीपी के लिए अपात्र हैं। लोगों ने मांग उठाई है कि आईआरडीपी में शामिल लोगों के बैंक खाते चेक किए जाएं। क्योंकि, लाखों रुपये की संपत्ति वालों को इसमें शामिल किया गया है। वहीं, पंचायत प्रधान भरूपलाहड नरेश कुमार ने बताया कि लोगों के विरोध को देखते हुए आईआरडीपी के किए गए सर्वे को निरस्त कर दिया गया है। अब दोबारा से सर्वे करवाकर आईआरडीपी की सूची तैयार की जाएगी।
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लंज (कांगड़ा)। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की भरूपलाहड़ पंचायत में आईआरडीपी की सर्वे रिपोर्ट में धांधली के आरोपों के बीच बैठक में भारी हंगामा हुआ। रिपोर्ट में धांधली के आरोपों के बाद रिपोर्ट का निरस्त कर दोबारा आईआरडीपी की सूची बनाने का फैसला लिया गया है।
पंचायत के लोगों में मलकीयत सिंह धीमान, गोपाल दास, कुष्ण कुमार, छलो राम, रूमाल सिंह, शशिपाल, शिवी सिंह, करतार चंद, जोगिंद्र सिंह, चमन लाल, दर्शना देवी, शशि वाला, मीना कुमारी, पवना देवी, ईश्वर दास और रक्षपाल सिंह का कहना है कि तीन सदस्यीय टीम ने आईआरडीपी चयन के लिए रिपोर्ट तैयार की है। इसमें धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि पात्र लोगों को सूची से बाहर रखा गया है, जबकि अपात्रों को इसमें शामिल किया गया है। बैठक में कमेटी के सदस्य रहे पटवारी ने तो बैठक में आना भी उचित नहीं समझा। लोगों का आरोप है कि 25 लोग आईआरडीपी में डाले हैं। इनमें से बहुत से लोग आईआरडीपी के लिए अपात्र हैं। लोगों ने मांग उठाई है कि आईआरडीपी में शामिल लोगों के बैंक खाते चेक किए जाएं। क्योंकि, लाखों रुपये की संपत्ति वालों को इसमें शामिल किया गया है। वहीं, पंचायत प्रधान भरूपलाहड नरेश कुमार ने बताया कि लोगों के विरोध को देखते हुए आईआरडीपी के किए गए सर्वे को निरस्त कर दिया गया है। अब दोबारा से सर्वे करवाकर आईआरडीपी की सूची तैयार की जाएगी।
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