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बैजनाथ महाविद्यालय में एसएफआई ने किया प्रदर्शन
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:06 AM IST
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बैजनाथ कॉलेज में एसएफआई का प्रदर्शन
छात्र संघ चुनाव बहाली और रूसा बंद करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। संतराम महाविद्यालय बैजनाथ की एसएफआई इकाई ने रूसा प्रणाली, छात्र संघ चुनावों की बहाली सहित स्थानीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इकाई सचिव विशाल वर्मा और उपाध्यक्ष आंचल चौधरी ने कहा कि एसएफआई ने नौ जुलाई को मांगों को लेकर ज्ञापन दिया था। पिछली 17 जुलाई को महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाया था लेकिन, हैरानी की बात है कि अब तक महाविद्यालय प्रशासन ने इस तरफ ध्यान देना उचित नहीं समझा है। कॉलेज में छात्रों के लिए पानी की सुविधा नहीं है और पानी की टंकियों की सफाई तक नहीं की जा सकी है। परिसर में झाड़ियां फैली हुई हैं और लावारिस पशुओं के गोबर से कैंपस भरा हुआ है। कैंटीन और शौचालयों में गंदगी का आलम और पुस्तकालय में पुस्तकों की कमी को भी दूर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने छात्र चुनावों पर अंकुश लगाने के साथ रूसा प्रणाली को लागू करके छात्र विरोधी निर्णय लिए थे। भाजपा ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने और रूसा बंद करने का वायदा किया लेकिन अब रूसा को सेमेस्टर की बजाय वार्षिक प्रणाली लागू की गई है। साल 2013 में जो बिना किसी तैयारी के हुआ था। वह अब इस वर्ष फिर से दोहराया जा रहा है। अधिकांश छात्रों को विषय की जानकारी ही नहीं है। संगठन 21 जुलाई को शिमला में राज्य अधिवेशन आयोजित करेगा।
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छात्र संघ चुनाव बहाली और रूसा बंद करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। संतराम महाविद्यालय बैजनाथ की एसएफआई इकाई ने रूसा प्रणाली, छात्र संघ चुनावों की बहाली सहित स्थानीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इकाई सचिव विशाल वर्मा और उपाध्यक्ष आंचल चौधरी ने कहा कि एसएफआई ने नौ जुलाई को मांगों को लेकर ज्ञापन दिया था। पिछली 17 जुलाई को महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाया था लेकिन, हैरानी की बात है कि अब तक महाविद्यालय प्रशासन ने इस तरफ ध्यान देना उचित नहीं समझा है। कॉलेज में छात्रों के लिए पानी की सुविधा नहीं है और पानी की टंकियों की सफाई तक नहीं की जा सकी है। परिसर में झाड़ियां फैली हुई हैं और लावारिस पशुओं के गोबर से कैंपस भरा हुआ है। कैंटीन और शौचालयों में गंदगी का आलम और पुस्तकालय में पुस्तकों की कमी को भी दूर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने छात्र चुनावों पर अंकुश लगाने के साथ रूसा प्रणाली को लागू करके छात्र विरोधी निर्णय लिए थे। भाजपा ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने और रूसा बंद करने का वायदा किया लेकिन अब रूसा को सेमेस्टर की बजाय वार्षिक प्रणाली लागू की गई है। साल 2013 में जो बिना किसी तैयारी के हुआ था। वह अब इस वर्ष फिर से दोहराया जा रहा है। अधिकांश छात्रों को विषय की जानकारी ही नहीं है। संगठन 21 जुलाई को शिमला में राज्य अधिवेशन आयोजित करेगा।