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आरक्षण का लाभ आर्थिक आधार पर हो :गुलेरिया
Updated Sat, 11 Nov 2017 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व सैनिक लीग पालमपुर की बैठक अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में देश के बड़े दलों की ओर से चुनाव में पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधित्व न देने पर रोष जताया गया। साथ ही आरक्षण को खत्म करने की मांग की गई, जबकि पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पूर्व सैनिकों का कहना है कि पूर्व सैनिकों को केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से जारी आरक्षण नहीं मिल रहा है, जबकि जाति आधार पर आरक्षण की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के चलते पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं, कई प्रतिभाएं आरक्षण की भेंट चढ़कर दब रही हैं। लीग के प्रवक्ता कुलदीप राणा ने बताया कि पूर्व सैनिकों में कनिष्ठ सैनिकों के हकों में कटौती की जा रही है। सरकारें सैनिकों का हर संभव सहायता के दावे करती हैं, लेकिन दूसरी ओर इन्हें हकों से वंचित रखा जा रहा है। लीग के अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया ने कहा कि आजादी के बाद अल्पसंख्यकों एवं पिछड़ी जातियों के लिए दस वर्ष के लिए आरक्षण सुविधा का प्रावधान किया गया था, लेकिन स्वतंत्रता के सात दशक बाद भी इसमें कोई कटौती नहीं हुई। अब देश की अन्य प्रजातियां भी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। हालांकि, जिन लोगों के लिए संविधान में आरक्षण का प्रावधान किया था, वे अभी भी उसी स्थिति में हैं। आरक्षण का लाभ कुछ ही लोग बार-बार उठाकर अन्यों के हकों को मार रहे हैं। गुलेरिया ने आरक्षण को आर्थिक आधार पर देने की वकालत करते हुए कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर देने से अन्य वर्गों के गरीबों को लाभ होगा। इस मौके पर कई लोग मौजूद रहे।
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पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व सैनिक लीग पालमपुर की बैठक अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में देश के बड़े दलों की ओर से चुनाव में पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधित्व न देने पर रोष जताया गया। साथ ही आरक्षण को खत्म करने की मांग की गई, जबकि पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पूर्व सैनिकों का कहना है कि पूर्व सैनिकों को केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से जारी आरक्षण नहीं मिल रहा है, जबकि जाति आधार पर आरक्षण की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के चलते पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं, कई प्रतिभाएं आरक्षण की भेंट चढ़कर दब रही हैं। लीग के प्रवक्ता कुलदीप राणा ने बताया कि पूर्व सैनिकों में कनिष्ठ सैनिकों के हकों में कटौती की जा रही है। सरकारें सैनिकों का हर संभव सहायता के दावे करती हैं, लेकिन दूसरी ओर इन्हें हकों से वंचित रखा जा रहा है। लीग के अध्यक्ष सीडी सिंह गुलेरिया ने कहा कि आजादी के बाद अल्पसंख्यकों एवं पिछड़ी जातियों के लिए दस वर्ष के लिए आरक्षण सुविधा का प्रावधान किया गया था, लेकिन स्वतंत्रता के सात दशक बाद भी इसमें कोई कटौती नहीं हुई। अब देश की अन्य प्रजातियां भी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। हालांकि, जिन लोगों के लिए संविधान में आरक्षण का प्रावधान किया था, वे अभी भी उसी स्थिति में हैं। आरक्षण का लाभ कुछ ही लोग बार-बार उठाकर अन्यों के हकों को मार रहे हैं। गुलेरिया ने आरक्षण को आर्थिक आधार पर देने की वकालत करते हुए कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर देने से अन्य वर्गों के गरीबों को लाभ होगा। इस मौके पर कई लोग मौजूद रहे।