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नूरपुर अस्पताल में चार घंटे गुल रही बिजली
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:27 AM IST
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नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर अस्पताल में मंगलवार सुबह 11 बजे अचानक बिजली के गुल होते ही स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हैरानी इस बात की है कि अस्पताल में बिजली गुल होने की दशा में वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल किए जाने के लिए 30 लाख की लागत का एक जेनरेटर लगा है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह पूरी तरह से सफेद हाथी साबित हो रहा है। बिजली सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक बिजली गुल रही। इस दौरान मरीजों को बिना उपचार के घर लौटना पड़ा। बिजली गुल होने के कारण अस्पताल में सभी प्रकार का कंप्यूटरीकृत कार्य ठप रहा।
हैरानी इस बात की है कि विद्युत बोर्ड ने एक दिन पहले ही बिजली सप्लाई बाधित होने का नोटिस दिया था। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन ने उचित प्रबंध नहीं किया था। इस संदर्भ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा आरएस राणा ने कहा कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। फिर भी उन्होंने नूरपुर सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
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हैरानी इस बात की है कि अस्पताल में बिजली गुल होने की दशा में वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल किए जाने के लिए 30 लाख की लागत का एक जेनरेटर लगा है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह पूरी तरह से सफेद हाथी साबित हो रहा है। बिजली सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक बिजली गुल रही। इस दौरान मरीजों को बिना उपचार के घर लौटना पड़ा। बिजली गुल होने के कारण अस्पताल में सभी प्रकार का कंप्यूटरीकृत कार्य ठप रहा।
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हैरानी इस बात की है कि विद्युत बोर्ड ने एक दिन पहले ही बिजली सप्लाई बाधित होने का नोटिस दिया था। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन ने उचित प्रबंध नहीं किया था। इस संदर्भ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा आरएस राणा ने कहा कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। फिर भी उन्होंने नूरपुर सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
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