{"_id":"68fa44917ab512c7340a0300","slug":"kangra-news-ramesh-dhawala-said-state-government-should-promote-sandalwood-cultivation-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश धवाला बोले- चंदन की खेती को बढ़ावा दे प्रदेश सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश धवाला बोले- चंदन की खेती को बढ़ावा दे प्रदेश सरकार
Thu, 23 Oct 2025 08:37 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्वालामुखी (कांगड़ा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, ज्वालामुखी (कांगड़ा)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 23 Oct 2025 08:37 PM IST
सार
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश धवाला ने वीरवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश सरकार चंदन की खेती को बढ़ावा देकर इसे औषधीय पौधे के रूप में विकसित करे। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
पूर्व मंत्री रमेश धवाला (फाइल फोटो)।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश धवाला ने कहा है कि प्रदेश सरकार चंदन की खेती को बढ़ावा देकर इसे औषधीय पौधे के रूप में विकसित करे। प्रदेश सरकार अपने स्तर पर भारत सरकार के आयुष विभाग से बड़े स्तर पर एक परियोजना स्वीकार करवाए। धवाला ने वीरवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि इस परियोजना की लागत का 75 फीसदी भारत सरकार व 25 फीसदी हिमाचल प्रदेश सरकार वहन करे। प्रदेश में चल रही दीनदयाल उपाध्याय किसान बागवान योजना में भी चंदन की खेती को सफलतापूर्वक शामिल किया जा सकता है। चंदन के पेड़ को पैदा करने, काटने और निर्यात करने के नियम आसान व किसान मित्र हों।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हिमाचल के निचले क्षेत्र विशेष कर कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर आदि में काफी भूभाग पर चंदन का पौधरोपण किया गया है। लेकिन चंदन के दोहन को लेकर काफी समस्याएं हैं। चंदन के कटान को लेकर कोई भी नियम और न ही कोई कार्यक्रम बनाया गया है। इसे किसानों को नुकसान होता है। अधिकतर चंदन के पेड़ों को तस्कर रात के अंधेरे में काट कर ले जाते हैं। अतः सरकार को किसानों के हित में उचित कदम उठाने चाहिए। खैर के 10 वर्षीय कटान कार्यक्रम की ही तरह चंदन का भी वैज्ञानिक तरीके से कटान कार्यक्रम बनाया जाना चाहिए। अगर वन विभाग के वर्किंग प्लान में इस बारे प्रावधान न हो तो ऐसे क्षेत्र का अलग से वर्किंग प्लान बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन