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टीजीटी से पीजीटी शिक्षक बनने का रास्ता साफ
अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 02 Feb 2014 12:59 PM IST
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हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में तैनात टीजीटी शिक्षकों का पीजीटी शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने 45 फीसदी अंकों की अनिवार्यता की शर्त को 2011 के बाद भर्ती शिक्षकों पर लागू करने का फैसला लिया है। इससे पहले के लगे टीजीटी शिक्षकों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
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इस मसले पर विभाग की ओर से दोबारा सरकार को भेजकर साफ निर्देश मांगे गए थे। सरकार की ओर से इस मसले पर फैसला लेने के बाद अब विभाग में टीजीटी से पीजीटी पदोन्नति की रुकी प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। बीस हजार से ज्यादा टीजीटी कैडर भी विभाग के फैसले से खासा नाराज था।
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विभाग ने पहले इसमें 45 फीसदी अंकों की शर्त लगाई। शिक्षकों के विरोध के बाद इस मामले को सरकार के पास भेजा, लेकिन सरकार की ओर से साफ निर्देश न मिलने के कारण विभाग पदोन्नति प्रक्रिया शुरू नहीं कर सका। अब मामला उलझने के बाद विभाग ने इसे दोबारा से सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा था।
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इस मसले पर अब सरकार की ओर से नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इन निर्देशों में 2011 से पहले के टीजीटी शिक्षकों पर पीजीटी शिक्षक बनने के लिए स्नातक की डिग्री में 45 फीसदी की शर्त को लागू नहीं किया जाएगा। इसके बाद के टीजीटी शिक्षकों पर ही यह नियम लागू होंगे।
प्रधान सचिव शिक्षा अली रजा रिजवी ने बताया कि टीजीटी से पीजीटी शिक्षक बनने के लिए स्नातक की डिग्री में 45 फीसदी अंकों की शर्त 2011 के बाद लगे शिक्षकों पर ही लागू होगी। इससे पहले के शिक्षकों पर यह शर्त लागू नहीं होगी। इसके लिए सरकार की ओर से निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।