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HP Weather: छह जगह माइनस में न्यूनतम पारा, पहाड़ी क्षेत्रों में जमने लगा पानी; बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट

Fri, 06 Dec 2024 08:53 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 06 Dec 2024 08:53 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में तापमान में कमी आने से पहाड़ी क्षेत्रों में पानी जमने लगा है। सड़कों पर भी फिसलन बढ़ गई है। शनिवार रात से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का पूर्वानुमान है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Weather water started freezing in hilly areas Yellow alert for rain and snowfall
भरमौर में कड़ाके की ठंड के बीच जम गया पहाड़ी से टपकता पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मौसम में रात के समय ठंड बढ़ गई है। वीरवार रात को प्रदेश में छह जगह न्यूनतम पारा माइनस में पहुंच गया। राजधानी शिमला, नाहन और पांवटा साहिब के अलावा पूरे प्रदेश में रात का तापमान छह डिग्री से कम रहा। तापमान में कमी आने से पहाड़ी क्षेत्रों में पानी जमने लगा है। सड़कों पर भी फिसलन बढ़ गई है। सैलानियों और स्थानीय लोगों से आगामी कुछ दिनों तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है। शनिवार रात से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का पूर्वानुमान है। आठ से दस दिसंबर तक प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश होने का येलो अलर्ट जारी हुआ है।

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सूखी ठंड से लोग हो रहे बीमार
दस सितंबर को मैदानी जिलों में सुबह और शाम के समय कोहरा पड़ने का भी अलर्ट जारी हुआ है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में शुक्रवार को मौसम साफ रहा। दिन के समय धूप खिल रही है। वहीं शाम होते ही ठंड बहुत अधिक बढ़ रही है। प्रदेश में दो माह से अधिक समय से बारिश नहीं हुई है। सूखी ठंड होने के चलते कई लोग बीमार हो रहे हैं।



आठ से दस दिसंबर तक अधिकांश जगह बारिश और बर्फबारी की संभावना
अब मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आठ से दस दिसंबर तक अधिकांश जगह बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। उधर, शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 25.5, सोलन में 23.0, कांगड़ा में 22.0, बिलासपुर में 21.8, हमीरपुर में 21.4, मंडी में 20.6, नाहन में 20.4, धर्मशाला में 20.1, शिमला में 18.4, मनाली में 15.1 और कल्पा में 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

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कहां कितना न्यूनतम तापमान

 
क्षेत्र न्यूनतम तापमान
ताबो 7.2
कुकुमसेरी 6.0
समदो 3.0
कल्पा  1.8
भुंतर 0.7
सिऊबाग 0.2
सोलन 0.7
मनाली 0.5
ऊना 2.6
हमीरपुर 3.1
मंडी 3.3
कांगड़ा  4.5
धर्मशाला 6.0
नाहन 7.3
शिमला  8.4
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शिमला में बर्फबारी में सड़कों को तुरंत खोलेगा लोक निर्माण विभाग
सर्दियों में बर्फबारी के दौरान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग ने एमएलए क्रॉसिंग के पास स्थित कैल्शियम क्लोराइड प्लांट को शुरू दिया है। इसे बर्फबारी के दौरान उपयोग में लाया जाएगा। विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि इस प्लांट से तैयार सॉल्यूशन बर्फ पिघलाने और सड़कों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

यह प्लांट प्रतिदिन 6,000 लीटर कैल्शियम क्लोराइड ब्राइन सॉल्यूशन तैयार करने की क्षमता रखता है। इस सॉल्यूशन का उपयोग बर्फबारी के दौरान सड़कों पर छिड़काव के लिए किया जाएगा। यह सॉल्यूशन जब बर्फ पर डाला जाता है तो बर्फ तुरंत पिघलाना शुरू हो जाती है। प्लांट में कैल्शियम क्लोराइड और पानी का मिश्रण तैयार किया जाता है। यह मिश्रण जिसे ब्राइन सॉल्यूशन कहा जाता है, बर्फ पर छिड़कने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह बहुत कम लागत में बड़े क्षेत्र को कवर कर सकता है। मात्र 500 रुपये की लागत में एक किलोमीटर लंबी सड़क पर ब्राइन सॉल्यूशन का छिड़काव किया जा सकता है।
 

ऐसे काम करता है कैल्शियम क्लोराइड
कैल्शियम क्लोराइड जब बर्फ के संपर्क में आता है, तो यह बर्फ सहित आसपास से नमी को सोखता लेता है। पानी सोखने की प्रक्रिया गर्मी छोड़ती है और तापमान बढ़ाती है। इस तापमान से बर्फ तेजी से पिघलने लगती है। जनवरी माह में लोक निर्माण विभाग, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश की सर्दियों में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था। सर्दियों के दौरान शिमला और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होती है, जिससे सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कार्यकारी अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि बर्फबारी शुरू होते ही इस प्लांट को उपयोग में लाया जाएगा। इससे न केवल यातायात सुचारू रहेगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
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