हिमाचल माैसम: मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू; प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बरसे बादल
दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू हो गया है। अगले दो दिनों में प्रदेश से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने के आसार हैं। उधर, किन्नौर के सांगला और डोडरा-क्वार के बीच रुपिन पास में हुए हिमपात के बाद फंसे भेड़पालकों और उनकी भेड़-बकरियों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू हो गया है। अगले दो दिनों में प्रदेश से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने के आसार हैं। इस बार मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि पांच जिलों शिमला, बिलासपुर, किन्नौर, कुल्लू और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर धूप खिली रही। मैदानी जिलों में गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है। हिमाचल में मानसून ने इस साल 20 जून को दस्तक दी थी। 20 जून से 30 सितंबर तक प्रदेश में कुल 652 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 733 मिलीमीटर मानी जाती है। इस तरह मानसून सीजन में बारिश सामान्य से 11 फीसदी कम रही। हालांकि जिलेवार आंकड़ों में बारिश का अलग-अलग असर देखने को मिला।
किस जिले में कितनी बारिश
लाहौल-स्पीति में सामान्य से 65 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। चंबा में 34, मंडी में 16, सोलन में 14, ऊना में सात और कांगड़ा में चार फीसदी कम बारिश हुई। इसके विपरीत किन्नौर में सामान्य से 18 फीसदी, शिमला में 16, बिलासपुर में सात, सिरमौर में छह और कुल्लू में चार फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार चार अक्तूबर तक प्रदेश के मैदानी, निचले पहाड़ी, मध्य पहाड़ी और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मानसून की विदाई के बीच 5 और 6 अक्तूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इन दोनों दिन मैदानी, निचले पहाड़ी और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। उधर, बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप निकलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी महसूस की गई। खासकर मैदानी जिलों में दोपहर के समय गर्मी का असर बढ़ा। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह-शाम हल्की ठंडक बनी हुई है।
करीब 2000 भेड़-बकरियां बर्फ के नीचे दबीं
उधर, किन्नाैर के सांगला और डोडरा-क्वार के बीच रुपिन पास में हुए हिमपात के बाद फंसे भेड़पालकों और उनकी भेड़-बकरियों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। भेड़पालकों के अनुसार करीब 2000 भेड़-बकरियां बर्फ के नीचे दब गई हैं। तीन फीट से अधिक बर्फ जमा होने के कारण कई भेड़-बकरियों के सिर्फ सींग ही दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आंकड़ा बर्फ हटने के बाद ही सामने आएगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सर्दियों के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों से नीचे लौट रहे दो डेरों के भेड़पालक रुपिन पास में भारी बर्फबारी के कारण फंस गए हैं। राहत की बात है कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। रेस्क्यू टीम बुधवार को रुपिन पास के टाप तक पहुंच गई और प्रशासन के संपर्क में है। कुछ भेड़पालक भेड़-बकरियों के साथ कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर आ गए हैं।
कहां कितना अधिकतम तापमान
ऊना 33.2
भुंतर 32.2
बिलासपुर 30.5
कांगड़ा 30.4
मंडी 30.4
चंबा 29.1
सोलन 27.5
धर्मशाला 27.1
नाहन 26.7
शिमला 25.0
मनाली 24.6