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Himachal Water Scam: विजिलेंस ने ठियोग जाकर खंगाले ठेकेदार और अफसरों के बैंक खाते, इंजीनियरों से की पूछताछ
Wed, 08 Jan 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 08 Jan 2025 05:00 AM IST
सार
Himachal Water Scam: हिमाचल प्रदेश में कथित पानी घोटाले में मंगलवार को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने ठियोग पहुंचकर बैंकों से ठेकेदारों और इंजीनियरों के खातों की डिटेल जुटाई।
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हिमाचल में पानी घोटाला।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
जिला शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के तहत टैंकरों से पेयजल आपूर्ति के नाम पर हुए गड़बड़झाले में विजिलेंस ब्यूरो की टीम जांच के लिए मंगलवार को ठियोग पहुंची। इस दौरान टीम ने बैंकों से ठेकेदारों और इंजीनियरों के खातों की डिटेल जुटाई। विजिलेंस अधिकारियों ने जल शक्ति विभाग और एसडीएम कार्यालय से जुटाए रिकॉर्ड को भी खंगाला।
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इस मामले में संलिप्त इंजीनियरों को पूछताछ के लिए विजिलेंस कार्यालय बुलाया गया था। एसडीएम कार्यालय शिमला में इनसे पूछताछ की गई। विजिलेंस कार्यालय में बारी-बारी से इंजीनियरों और ठेकेदारों को बयान दर्ज किए जाने हैं। विजिलेंस का मानना है कि अभी मामले की प्रारंभिक जांच चल रही है। आरोप तय होने के बाद ही इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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उधर, स्थानीय पंचायतों प्रधानों से भी इस मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। विजिलेंस ब्यूरो हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। हालांकि, जांच के चलते अभी अधिकारी इस मामले में कुछ कहने से कतरा रहे हैं। गौर हो कि मामला सामने आने के बाद जल शक्ति विभाग के 10 अफसरों को निलंबित किया गया है। इनमें 2 अधिशासी, 3 सहायक, 4 कनिष्ठ और एक सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं।
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सरकार ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी है।
उल्लेखनीय है कि ठियोग उपमंडल में पिछले वर्ष फरवरी से जून माह के दौरान सूखे के चलते पानी की आपूर्ति टैंकरों से करने का काम ठेके पर दिया गया। आरोप है कि कई जगह पानी की आपूर्ति ही नहीं हुई और भुगतान कर दिया गया।