फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Seven Deputy Commissioners responded to the State Election Commission notice know reason

Himachal News: राज्य निर्वाचन आयोग के नोटिस पर सात उपायुक्तों ने दिया जवाब, बताई ये वजह

Thu, 20 Nov 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 20 Nov 2025 05:00 AM IST
सार

राज्य निर्वाचन आयोग ने भी सरकार को पत्र लिखकर डिजास्टर एक्ट की समीक्षा का आग्रह किया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से उपायुक्तों को आरक्षण रोस्टर घोषित करने के निर्देश जारी किए गए थे लेकिन किसी भी उपायुक्त ने रोस्टर जारी नहीं किया। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal Seven Deputy Commissioners responded to the State Election Commission notice know reason
हिमाचल निर्वाचन आयोग - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेश के जिला उपायुक्तों को जारी नोटिस का सात जिलों के उपायुक्तों ने जवाब भेज दिया है। उपायुक्तों ने आयोग के निर्देशों का पालन न करने का कारण डिजास्टर एक्ट को बताया है। उधर, निर्वाचन आयोग ने भी सरकार को पत्र लिखकर डिजास्टर एक्ट की समीक्षा का आग्रह किया है। आयोग ने लिखा है कि मौजूदा समय में प्रदेश में जमीनी हकीकत की समीक्षा कर सरकार डिजास्टर एक्ट पर उचित निर्णय ले।

विज्ञापन

राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर प्रदेश के जिला उपायुक्तों की तत्परता पर नाराजगी जताई थी। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से उपायुक्तों को आरक्षण रोस्टर घोषित करने के निर्देश जारी किए गए थे लेकिन किसी भी उपायुक्त ने रोस्टर जारी नहीं किया। आयोग ने चुनाव सामग्री उठाने के निर्देश दिए लेकिन चुनाव सामग्री भी नहीं उठाई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

निर्धारित समय में उपायुक्तों की ओर से वोटर लिस्टों का प्रकाशन न करने को भी आयोग ने नियमों का उल्लंघन माना था और उपायुक्तों से इस देरी का कारण पूछा था। जिस पर उपायुक्तों ने सरकार की ओर से प्रदेश में लगाए गए डिजास्टर एक्ट को कारण बताया है। उधर राज्य चुनाव आयोग बीते 17 नवंबर को आदर्श आचार संहिता के एक क्लॉज को लागू कर चुका है। इसके तहत पंचायतों और नगर निकायों की सीमाएं फ्रीज कर दी है जिसके बाद सरकार पंचायतों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन नहीं कर सकती। चुनाव आयोग के इस फैसले को लेकर प्रदेश सरकार कानूनी सलाह ले रही है।

विज्ञापन

पंचायतों के पुनर्गठन को आए 24 प्रस्ताव
प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन के लिए पंचायतीराज विभाग को अब 24 प्रस्ताव मिल चुके हैं। शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला से अधिकतर प्रस्ताव आए हैं। इन प्रस्तावों पर अब सरकार अंतिम फैसला लेगी हालांकि निर्वाचन आयोग ने पंचायतों के पुनर्गठन पर रोक लगा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक गहराता दिख रहा है। निर्वाचन आयोग इस मामले को प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल के समक्ष उठा सकता है।

चुनाव आयुक्त की बैठक में न मुख्य सचिव आए न अन्य
राज्य चुनाव आयुक्त ने पंचायतीराज और स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव, वित्त, राजस्व, सचिव शहरी विकास, सचिव पंचायती राज, सचिव गृह की बैठक बुलाई थी। बैठक में कोई भी अधिकारी शामिल नहीं हुआ। अधिकारियों के बैठक में न आने से चुनाव को लेकर सरकार की तैयारियों पर विचार-विर्मश नहीं हो सका।

आयोग की अपील, वेबसाइट या सारथी एप पर देखें अपना नाम
राज्य चुनाव आयोग ने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि आयोग की वेबसाइट और सारथी एप पर मतदाता सूचियां उपलब्ध करवा दी गई हैं। मतदाता इन सूचियों में अपना नाम देख सकते हैं। यदि नाम नहीं है तो महज दो रुपये के फार्म के साथ नाम दर्ज करने के लिए आवेदन दे सकते हैं। यदि नाम में कोई त्रुटि है तो उसे भी सुधारा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed