हिमाचल: राजीव बिंदल बोले- विक्रमादित्य सिंह को प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं
अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा या उसके नेताओं को किसी प्रकार का प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा या उसके नेताओं को किसी प्रकार का प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों से वह जनता के आशीर्वाद से जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं। जनता का विश्वास ही उनका सबसे बड़ा प्रमाणपत्र है। बिंदल ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि हाल ही में हुए पंचायतीराज, नगर निकाय और नगर निगम चुनावों में जनता ने कांग्रेस की नीतियों को नकारते हुए भाजपा के पक्ष में अपना समर्थन दिया है। चुनावी नतीजों से निराश कांग्रेस नेता अब वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार चार वर्षों में विकास और रोजगार के मोर्चे पर विफल रही है।
चुनाव के दौरान पांच लाख रोजगार और एक लाख सरकारी नौकरियां देने के दावे किए गए थे, लेकिन आज तक इन वादों को पूरा करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए बिंदल ने कहा कि भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के लिए लंबे समय तक संघर्ष हुआ, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा इस मुद्दे पर विरोध और तुष्टिकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि अब वही कांग्रेस राम मंदिर और भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जिसे जनता भली-भांति समझती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपनी विफलताओं का जवाब देना चाहिए। प्रदेश की जनता रोजगार, विकास, आर्थिक स्थिति और चुनावी वादों की प्रगति पर स्पष्ट जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार को उसके वादों तथा कार्यप्रणाली के लिए जवाबदेह बनाएगी।
रामसेतु पर सवाल उठाने वाले कांग्रेसी अब राम-राम जपने लगे : अनुराग ठाकुर
सांसद अनुराग ठाकुर ने राम मंदिर चंदा मामले में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस नेता कभी रामसेतु के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते रहे, वही आज राजनीतिक लाभ के लिए भगवान राम का नाम जप रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चंदा मामले की एसआईटी जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी। दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए यह राजनीति का वक्त नहीं है। हमीरपुर स्थित एनआईटी में आउटसोर्स कर्मचारियों की ईपीएफ और ईएसआई सुविधाओं को लेकर आयोजित कार्यशाला के बाद पत्रकारों से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि राम मंदिर चंदा मामले में कांग्रेस और विपक्षी दल अनावश्यक राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं मंदिर ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी जांच कराने का आग्रह किया है, इसलिए जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि जिन नेताओं ने वर्षों तक रामसेतु को काल्पनिक बताया, अयोध्या आंदोलन का विरोध किया और राम मंदिर के शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक सवाल उठाए, वही अब भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के दोहरे रवैये को देश की जनता भली-भांति समझ चुकी है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि इससे किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। उनके अनुसार कुछ लोग केवल भ्रम और अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार आउटसोर्स और अनुबंध कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एनआईटी हमीरपुर में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस बौखलाई हुई है और उसके नेता सत्ता पाने के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर ही नेताओं के बीच सार्वजनिक और बंद कमरों में टकराव की स्थिति बनी हुई है।