फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal rain: Yashang village threatened by landslide in Kinnaur; two small bridges washed away in Sainj.

हिमाचल माैसम: भूस्खलन से किन्नौर के याशंग गांव को खतरा, सैंज में दो पुलियां बहीं, पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त

Wed, 15 Jul 2026 07:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 15 Jul 2026 07:52 PM IST
सार

 कुल्लू और किन्नौर में बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कुल्लू जिले की सैंज घाटी में मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। 

विज्ञापन
Himachal rain: Yashang village threatened by landslide in Kinnaur; two small bridges washed away in Sainj.
भूस्खलन से याशंग गांव को खतरा। - फोटो : संवाद

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और किन्नौर में बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कुल्लू जिले की सैंज घाटी में मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। देहुरीधार पंचायत के धाटा नामक नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से धाटा और गुहिड़ी वार्ड को जोड़ने वाली दो पुलियां बह गईं, इससे दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क बाधित हो गया है। न्यूली-शैंशर मार्ग भी प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण किसानों और बागवानों की भूमि, फसलें तथा बगीचे भी प्रभावित हुए हैं। धाटा के समीप बहने वाले नाले के उफान में ब्रह्मा देवता की सौह (मैदान) का लगभग आधा हिस्सा बह गया।

विज्ञापन

कई किसानों की कृषि एवं बागवानी भूमि कटाव की चपेट में आ गई। उधर, किन्नौर जिले की चगांव पंचायत के याशंग गांव में बुधवार सुबह लौदांग पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। भूस्खलन से खेतों, बगीचों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। भूस्खलन के कारण गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क बंद हो गई है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पेयजल की मुख्य पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हुई है, इससे जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं के कारण पहाड़ कमजोर हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से विशेषज्ञों की ओर से वैज्ञानिक जांच कराने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed