{"_id":"675321dcd617f2747500c467","slug":"himachal-pradesh-high-court-directed-to-allot-land-to-pong-dam-displaced-within-four-weeks-2024-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"HP High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पौंग बांध विस्थापित को चार सप्ताह में जमीन आवंटन के दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HP High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पौंग बांध विस्थापित को चार सप्ताह में जमीन आवंटन के दिए निर्देश
Sat, 07 Dec 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
भारती मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
भारती मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sat, 07 Dec 2024 05:00 AM IST
सार
पौंग बांध विस्थापित को जमीन न मिलने पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। अदालत ने चार सप्ताह में याचिकाकर्ता को जमीन आवंटित कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पौंग बांध विस्थापित को जमीन न मिलने पर कड़ा संज्ञान लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने चार सप्ताह में याचिकाकर्ता को जमीन आवंटित कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं होने पर राजस्थान के मुख्य सचिव को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित रहने को कहा है।
विज्ञापन
प्रतिवादियों की ओर से अदालत में हलफनामा दायर किया। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता को जमीन आवंटित करने के लिए कोई निर्विवाद भूमि उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने कहा कि राजस्थान सरकार की नाक के नीचे गंगानगर की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है और सरकार चुप बैठी है। हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव और अन्य उत्तरदाताओं को अतिक्रमणकारियों को जमीन से हटाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
अदालत ने गंगानगर की चयनित जमीन को याचिकाकर्ता को आवंटित करने को कहा है। हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिसने अपने राज्य में अपना चूल्हा चौका, जमीन और घर खो दिया है, उसे अपनों से बहुत दूर की जगह पर जमीन लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसके बावजूद जमीन नहीं दी जा रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी।
विज्ञापन