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Himachal Pradesh: छह माह से डीसी कार्यालयों को नहीं मिला बजट, कैसे होगा विकास; कांग्रेस नेता भी नाराज

Tue, 15 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 15 Jul 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में डीसी कार्यालयों को बजट नहीं मिला है। ऐसे में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि विधायक निधि की राशि उपायुक्त कार्यालय का आ रही है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Pradesh DC offices have not received budget for six months how will development happen
गोविंद सिंह ठाकुर,पूर्व मंत्री एवं उपाध्यक्ष प्रदेश भाजपा/मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

तीसरी तिमाही शुरू हो गई है लेकिन अभी तक सूबे के डीसी कार्यालयों को बजट नहीं मिला है। 2025 की तीसरी तिमाही का भी आधा महीना गुजर गया है। बजट नहीं मिलने से जिले में विकास कार्यों की रफ्तार थम गई है।

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कुल्लू सहित सूबे के सभी जिलों को विकास पर खर्च होने वाला तिमाही का बजट नहीं मिला है। जिला कुल्लू को हर तिमाही में विभिन्न योजना के अतर्गत आठ से 10 करोड़ रुपये का बजट मिलता है। पहली तिमाही जनवरी से मार्च और दूसरी तिमाही अप्रैल से जून तक कोई भी राशि नहीं आई है। हालांकि विधायक निधि की राशि उपायुक्त कार्यालय का आ रही है। सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये की राशि जारी नहीं होने से शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों का विकास नहीं हो रहा है। विकास कार्यों के लिए जिला योजना कार्यालय में प्रस्ताव के ढेर लग गए हैं।

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खासकर पंचायत के जरिए सबसे अधिक प्रस्ताव आ रहे हैं। लेकिन इन पर अमल नहीं होने से पंचायत प्रतिनिधियों के साथ आम लोगों में भारी रोष है। बजट नहीं होने से सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, सड़क, रास्ते, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट मिलता है। यह बजट उपायुक्त द्वारा लोगों को आवंटित किया जाता है।

प्रस्तावों को राशि नहीं मिलने कांग्रेस नेता भी नाराज
उपायुक्त कार्यालय के तहत आने वाले जिला योजना कार्यालय (डीपीओ) में लगे प्रस्तावों को राशि नहीं मिलने से कांग्रेस नेता व कार्यकताओं में खासा रोष है। भले ही सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी समर्थित पंचायत प्रतिनिधि व कांगेस नेता कुछ नहीं कह रहे हैं, मगर अंदरखाते भारी रोष पनप रहा है।

इन योजना को मिलता है बजट
प्रदेश सरकार उपायुक्त कार्यालय को विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों की राशि मंजूर करती है। इसमें सेक्टोरल डेवलपमेंट प्लानिंग (एसडीपी), विकास में जन सहयोग (पीएमजेएस), पिछड़ा क्षेत्र उप योजना। (बीबीएसपी) और मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना शामिल है। प्रशासन के पास विकास कार्यों को लेकर आए प्रस्तावों को बजट आने पर राशि मंजूर की जाएगी।- अश्वनी कुमार,अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू।
 
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कांग्रेस सरकार हजारों करोड़ रुपये का ऋण ले रही है। फिर भी डीसी कार्यालय में आने वाला बजट नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से प्रदेश की पंचायत में होने वाले विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। ग्रामीण स्तर पर रास्ते, सड़कें, पानी, बिजली सहित अन्य छोटे-छोटे काम नहीं हो हे हैं। अभी तक पंचायत के काम मनरेगा के तहत हो रहे थे। प्रदेश सरकार इसका भी शेयर जमा नहीं कर पा रही है और लोगों को परेशानी हो रही है। - गोविंद सिंह ठाकुर,पूर्व मंत्री एवं उपाध्यक्ष प्रदेश भाजपा।
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