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Himachal News: अब कल से कॉलेज शिक्षकों की मोबाइल एप से लगेगी हाजिरी, जवाबदेही सुनिश्चित करने को बदली व्यवस्था
Fri, 14 Nov 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 14 Nov 2025 02:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षक और गैर शिक्षक अपनी हाजिरी एचपी एबास मोबाइल एप के माध्यम से ही दर्ज करेंगे। इस एप में जीओ-फेंसिंग तकनीक के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारी केवल कॉलेज परिसरों के भीतर रहकर ही उपस्थिति दर्ज कर सकें। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में अब सरकारी कॉलेजों में भी शिक्षकों और गैर शिक्षण कर्मचारियों की हाजिरी जीओ-फेंस आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी कॉलेज प्राचार्यों को पत्र जारी कर दिया है और 15 नवंबर से इस प्रणाली से हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत शिक्षक और गैर शिक्षक अपनी हाजिरी एचपी एबास मोबाइल एप के माध्यम से ही दर्ज करेंगे। इस एप में जीओ-फेंसिंग तकनीक के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारी केवल कॉलेज परिसरों के भीतर रहकर ही उपस्थिति दर्ज कर सकें। इससे कर्मचारियों की उपस्थिति प्रणाली और अधिक पारदर्शी, सटीक और जवाबदेह बनेगी।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि इस प्रणाली को लागू करने के लिए पहले ही सभी सरकारी कॉलेजों के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजीज एंड गवर्नेंस विभाग की ओर से प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। कर्मचारियों के हिम एक्सेस पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। हर कॉलेज के लिए डीडीओ अकाउंट भी बनाए गए हैं ताकि कर्मचारी मैपिंग और डेटा प्रबंधन किया जा सके। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अब पारंपरिक रजिस्टर या बायोमेट्रिक मशीन की आवश्यकता नहीं रहेगी। मोबाइल एप से कर्मचारी कॉलेज की सीमा में प्रवेश करने के बाद उपस्थिति दर्ज करेंगे। 15 नवंबर से यह व्यवस्था लागू होगी।
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विवि और तकनीकी संस्थानों में भी व्यवस्था लागू करने पर विचार
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इस प्रणाली को विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इससे सभी शिक्षण संस्थानों में एक समान और डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था लागू हो सकेगी।
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