फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal news shimla student committed suicide note my three papers were not good

हिमाचल प्रदेश: शिमला में पढ़ाई के तनाव में छात्र ने लगाया फंदा, सुसाइड नोट में लिखा- मेरे 3 पेपर ठीक नहीं हुए

Mon, 04 Aug 2025 08:01 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 04 Aug 2025 08:01 PM IST
सार

Shimla Student Suicide Case : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के फागली इलाके में एक 12वीं कक्षा के छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र ने वजह सुसाइड नोट में लिखी। उसने लिखा कि पिछले दिनों हुए तीन हाउस टेस्ट अच्छे नहीं हुए हैं, इसी तनाव में आकर वह आत्महत्या कर रहा है।

विज्ञापन
himachal news shimla student committed suicide note my three papers were not good
आत्महत्या। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राजधानी शिमला के एक सरकारी स्कूल में बारहवीं कक्षा में पढ़ रहे छात्र ने पढ़ाई के तनाव में आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। छात्र ने पिता की अनुपस्थिति में घर पर छत में लगी लकड़ी में साड़ी फंसाकर फंदा लगाया। पुलिस को कमरे में बेड पर पड़ी नोटबुक के पेज नंबर 90 पर एक सुसाइड नोट लिखा मिला, जिसमें छात्र ने लिखा था कि उसके पिछले दिनों हुए तीन हाउस टेस्ट अच्छे नहीं हुए हैं, इसी तनाव में आकर वह आत्महत्या कर रहा है।

विज्ञापन

पुलिस ने केस दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार फागली क्षेत्र में रहने वाला छात्र रविवार को घर पर अकेला था। इस दौरान उसने छत में लगी लकड़ी से साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। शाम करीब 4:30 बजे जब पिता घर पहुंचे तो अंदर से कुंडी लगी थी। उन्होंने दरवाजा खटखटाया लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्होंने खिड़की से भीतर देखा तो बेटा फंदे से लटका हुआ था। पिता की चीख पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर भीतर पहुंचे। वह उसे किशोर को उतारकर आईजीएमसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने नोटबुक और फंदा लगाने में इस्तेमाल की साड़ी को कब्जे में ले लिया है। सोमवार को आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। छात्र बारहवीं कक्षा के कॉमर्स संकाय में शिक्षा ग्रहण कर रहा था और पढ़ाई में होनहार था। आत्महत्या की सूचना से स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी भी हैरान हैं। सोमवार को भी विद्यार्थी का पेपर था लेकिन इससे पहले ही उसने ऐसा गंभीर कदम उठा लिया।

विज्ञापन

प्रतिस्पर्धा की दौड़ में मानसिक तनाव झेल रहे हैं विद्यार्थी
आईजीएमसी में मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश दत्त शर्मा ने बताया कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से विद्यार्थी मानसिक तनाव झेलने को मजबूर हैं। कई बार अभिभावक उन पर बेहतर करने का दबाव भी बनाते हैं तो कई बार बच्चे खुद भी बेहतर करने की कोशिश में अधिक दबाव ले रहे हैं। बच्चों में तनाव झेलने की क्षमता कम है, इसके लिए हमारा सामाजिक तानाबाना जिम्मेवार है। बच्चे पहले की पीढि़यों की अपेक्षा संवेदनशील हो गए हैं। ऐसे में यह पता लगाना काफी मुश्किल है कि बच्चे किस बात पर किस तरह से कदम उठाएंगे। हमें बच्चों को समय और साथ देने की जरूरत है। बच्चों को बताएं कि सफलता ही नहीं, असफलता को भी स्वीकार करना जरूरी है। अभिभावक मानसिक तनाव के लक्षणों को समय पर पहचान कर काउंसलिंग भी करवा सकते हैं।
 

मानसिक दबाव के लक्षण
  1. अकेले रहना, बातचीत कम करना
  2. व्यवहार में बदलाव
  3. चिड़चिड़ापन बातों में नकारात्मक विचार झलकना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed