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Himachal Pradesh: नौकरी से निकाले 81 आउटसोर्स चालकों के समर्थन में बिजली बोर्ड मुख्यालय पर धरना, दी ये चेतावनी
Mon, 16 Dec 2024 10:17 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 16 Dec 2024 10:17 PM IST
सार
हिमाचल बिजली बोर्ड प्रबंधन द्वारा 81 आउटसोर्स ड्राइवरों को नौकरी से हटाए जाने पर बिजली कर्मचारी भड़क उठे हैं। आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने चालकों की बहाली नहीं होने पर राज्य स्तरीय प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पढ़ें पूरी खबर...
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राज्य विद्युत बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
नौकरी से निकाले 81 आउटसोर्स चालकों के समर्थन में सोमवार को बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस के बाहर धरना प्रदर्शन हुआ। आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने चालकों की बहाली नहीं होने पर राज्य स्तरीय प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उधर, 23 दिसंबर को बिजली बोर्ड प्रबंधन और कर्मचारियों व अभियंताओं के संयुक्त मोर्चा के दूसरे दौर की बैठक में इस मामले लेकर चर्चा करने पर सहमति बनी है।
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सोमवार को राज्य बिजली बोर्ड आउटसोर्स इम्प्लाइज यूनियन ने बोर्ड मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर बिजली बोर्ड से निकाले गए 81 आउटसोर्स चालकों की सेवाएं बहाल करने की मांग की। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि पहली नवंबर 2024 से बोर्ड में 81 आउटसोर्स चालकों की सेवाएं समाप्त कर की हैं। यह चालक पिछले 12-13 वर्षों से बोर्ड में अपनी सेवाएं दे रहे थे। यह कर्मचारी आज सड़कों पर हैं। इस निष्कासन से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और संशय का माहौल बना हुआ है। धरना प्रदर्शन को संयुक्त मोर्चा ने भी समर्थन दिया है।
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मोर्चा की ओर से संयोजक लोकेश ठाकुर, सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि उनके साथ जारी वार्ता में प्रदेश सरकार ने इस फैसले पर दोबारा विचार करने की बात को माना है। बोर्ड प्रबंधन से विधानसभा सत्र के बाद 23 दिसंबर को वार्ता प्रस्तावित है। उन्होंने प्रबंधन वर्ग से मामले में की जा रही देरी पर चिंता जताई और शीघ्र इन 81 चालकों की सेवाएं बहाल करने की मांग की। उधर, आउटसोर्स इम्प्लाइज यूनियन के राज्य अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, सचिव राजेश चौहान तथा वरिष्ठ उपप्रधान पुनीत सोनी ने कहा यदि प्रबंधन वर्ग ने समय रहते इन साथियों की सेवाएं बहाल नहीं कीं तो बोर्ड में कार्यरत 3100 ऑउटसोर्स कर्मचारियों को राज्यव्यापी आंदोलन की ओर बढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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