Himachal News: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बोले- अधिक बच्चों वाले स्कूलों में होगी नए शिक्षकों की तैनाती
सोमवार को समग्र शिक्षा निदेशालय में जिला उपनिदेशकों के साथ की गई साल की पहली समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि अधिक बच्चों वाले स्कूलों में नए शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी।
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि अधिक बच्चों वाले स्कूलों में नए शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी। सरकार ने पीजीटी के 700 पद मंजूर किए हैं। इन शिक्षकों को वहीं तैनात किया जा रहा है, जहां संबंधित विषयों में पर्याप्त दाखिले हैं। सोमवार को समग्र शिक्षा निदेशालय में जिला उपनिदेशकों के साथ की गई साल की पहली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का स्वयं जिला व खंड स्तर पर जाकर वह फीडबैक लेंगे। शिक्षा की गुणवत्ता सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा विभाग सबसे बड़ा सरकारी विभाग है। इस पर नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने उपनिदेशकों से कहा कि वह पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा की बेहतरी के लिए काम करें। कहा कि सरकार ने बीते दो सालों में शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड भर्तियां की हैं। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने स्कूल मर्ज करने का फैसला लिया है। यह कोई राजनीतिक फैसला नहीं है। देश में अन्य राज्यों ने स्कूलों को कंसोलिडेट किया है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलों और अन्य गतिविधियों में सुधार किए जा रहे हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा विभाग सरकार के आदेशों पर स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए कदम उठा रहा है। बैठक में संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा संजीव सूद, अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. हरीश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक प्राथमिक शिक्षा बीआर शर्मा, जिलों के उप शिक्षा निदेशक, डाइट प्रिंसिपल, कार्यकारी प्रिंसिपल एससीईआरटी और समग्र शिक्षा के नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि स्कूलों में सालभर की गतिविधियों को लेकर एक कैलेंडर जारी किया जाएगा। कोई भी शिक्षक डाक लेकर नहीं जाएगा। शिक्षा सचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में स्कूली बच्चों की ज्यादा से ज्यादा सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। प्रधानमंत्री के साथ संवाद करने का बच्चों के लिए यह एक बेहतर मौका होगा। उन्होंने कहा कि कोई सरकार स्कूल बंद करना नहीं चाहती, लेकिन अगर स्कूलों में बच्चे ही नहीं हैं या कम हैं तो शिक्षा की बेहतरी के लिए ऐसा करना जरूरी है।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल सरकार के शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर लिए फैसले को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी सराहा है। हिमाचल के स्कूलों के कंसोलिडेशन को लेकर उठाए कदमों पर भी केंद्रीय मंत्रालय ने साफ कहा कि इससे ग्रांट में कोई कमी नहीं आएगी। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर समग्र शिक्षा, उच्च और प्राथमिक शिक्षा विभाग एक टीम की तरह मिलकर काम कर रहे हैं। हर माह जिला उप निदेशकों की बैठक कराने का फैसला इसी दिशा में लिया गया है।