Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- नियमों के अनुसार एटिक को किया जाएगा रेगुलर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जिनके एटिक बने हैं, उनका पूरा अध्ययन करेंगे। देखा जाएगा कि उनके लिए क्या किया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरा अध्ययन करने के बाद होटलों और भवनों के अतिक्रमण पर संबंधित संचालकों को एकमुश्त राहत देगी। कहा कि जिनके एटिक बने हैं, उनका पूरा अध्ययन करेंगे। देखा जाएगा कि उनके लिए क्या किया जा सकता है। कानून की परिधि में रहकर ही विचार किया जा सकता है। इस बारे में पहले रिटेंशन पॉलिसी भी आ चुकी है। कोर्ट का भी इस पर फैसला आया है। एटिक बनाई है तो उसे रेगुलर करने का नियमानुसार काम होगा।
शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने प्रदेश में होटलों और भवनों के अतिक्रमण से सरकार को हो रहे टैक्स के नुकसान तथा इनके नियमितीकरण के लिए वन टाइम रिलैक्सेशन प्रदान करने पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया। पठानिया ने नड्डी और मैक्लोडगंज का जिक्र करते हुए कहा कुछ होटल चार कमरों का टैक्स भर रहे हैं, जबकि वह 20-22 कमरे चला रहे होते हैं। उन्हें बिजली-पानी की भी व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था उनकी ओर से दर्शाए गए कमरों के हिसाब से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी होटल को बनाने के लिए 14 अलग-अलग विभागों से एनओसी लेने पड़ती है।
अगर यह विभाग पूरी तत्परता के साथ कार्य करें तो इन होटलों से टैक्स के रूप में काफी राजस्व अर्जित किया जा सकता है। ऐसे होटलों को चिह्नित करने की मांग की कि किस होटल के पास कितनी जमीन है और कितने कमरे हैं। इसके चलते जिन होटल मालिकों ने अतिरिक्त कमरे जोड़े हैं, उन्हें वन टाइम रिलैक्सेशन देते हुए राहत दी जाए, जिससे सरकार को भी राजस्व मिले।
ऋणी गरीब लोगों के लिए बदलेंगे वन टाइम सेटलमेंट नीति
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि ऋणी गरीब लोगों के लिए सहकारी बैंकों की वन टाइम सेटलमेंट नीति को बदलने पर विचार किया जाएगा। विधायक सतपाल सिंह सत्ती के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन टाइम सेटलमेंट के मामले 10 लाख रुपये से ऊपर के कर्ज के लिए भी लागू रहेंगे। पिछली सरकार ने पॉलिसी लाई तो कुछ ने फायदा उठाया और कुछ ने नहीं।। ऐसे लोग जिनका लोन 10 लाख या इससे ऊपर हो गया। गरीब लोग जो ऋणी हैं, उनके लिए विचार करेंगे कि उन्हें कैसे राहत मिले। यह नीति न केवल सहकारी बैंक बल्कि राज्य कृषि सहकारी बैंक में भी लागू होगी।