फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal New education policy will be implemented from the next session UG will start with a four-year degree

Himachal News: अगले सत्र से लागू होगी नई शिक्षा नीति, यूजी में चार वर्षीय डिग्री से होगी शुरुआत

Thu, 07 Nov 2024 04:02 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 07 Nov 2024 04:02 PM IST
सार

हिमाचल सरकार नए सत्र से कॉलेजों में एनईपी-2020 के अनुरूप स्नातक डिग्री कोर्स को चार साल करने की तैयारी कर रही है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal New education policy will be implemented from the next session UG will start with a four-year degree
एचपीयू शिमला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले दो साल से प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने को लेकर बनी असमंजस की स्थिति नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में समाप्त हो जाएगी। प्रदेश सरकार नए सत्र से कॉलेजों में एनईपी-2020 के अनुरूप स्नातक डिग्री कोर्स को चार साल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए शिक्षा सचिव के आदेशानुसार शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से नए सत्र से लागू करने को 12 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।

विज्ञापन


हिमाचल विवि के अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में शामिल शिक्षकों और अधिकारियों की बारह सदस्यीय टीम नए सत्र में कॉलेजों से स्नातक डिग्री कोर्स को नीति के अनुरूप शुरू करने के लिए सभी तरह की तैयारी करेगी। कमेटी में विवि के अधिकारियों, अधिष्ठाताओं के अलावा कॉलेज प्राचार्य और कॉलेज शिक्षक संघों के प्रतिनिधि और शिक्षक जैसे हितधारकों को भी शामिल किया गया है। 11 अक्तूबर को प्रदेश सचिवालय में एनईपी-2020 को उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू करने की कार्ययोजना तैयार करने को लेकर हुई शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटी का गठन किया गया। उच्चतर शिक्षा निदेशक प्रो. अमरजीत शर्मा की ओर से 22 अक्तूबर को अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके बाद कमेटी ने इस दिशा में कार्य करना भी शुरू कर दिया है। 
विज्ञापन


इस कमेटी की एक बैठक कमेटी के चेयरमैन एवं विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम की अध्यक्षता में हो चुकी है। बैठक में अब तक यूजी के चार वर्षीय कोर्स को शुरू करने को लेकर बीते सत्र में की गई तैयारियों पर चर्चा हुई, वहीं शिक्षकों और कॉलेज प्राचार्यों से नीति के अनुरूप चार साल का कोर्स शुरू करने की राह में पेश आने वाली समस्याओं के बारे में चर्चा हो चुकी है। शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश विवि अब तक यूजी के चार वर्षीय डिग्री कोर्स के पहले साल के पाठ्यक्रमों को तैयार करने का 90 फीसदी से अधिक कार्य पहले ही पूरा कर चुका है। अब विवि प्रशासन और कमेटी में शामिल शिक्षा विभाग के अधिकारी और कॉलेजों के प्राचार्य और शिक्षक इस चार वर्षीय कोर्स की परीक्षाओं के संचालन, कॉलेजों में इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था किए जाने को लेकर विवरण तैयार करेगा। सरकार के स्तर पर अभी से नए सत्र में चार वर्षीय डिग्री कोर्स शुरू किए जाने की तैयारी और इसको लेकर सरकार की ओर से नजर आ रही गंभीरता से नई िशक्षा नीति नए सत्र से कॉलेजों और विवि लागू होने की पूरी संभावनाएं बनती नजर आ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उच्च शिक्षा परिषद का रहेगा मार्गदर्शन
ई शिक्षा नीति को उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू करने को आवश्यक तैयारी करने में प्रदेश की उच्च शिक्षा परिषद का मार्गदर्शन रहेगा। इसमें गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के प्रो. सर्वजोत सिंह बहल अध्यक्ष हैं। यह परिषद भी नीति लागू करने में अपना मार्गदर्शन करती रहेगी।

बारह सदस्यीय कमेटी में ये होंगे सदस्य 
शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचित की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने के लिए गठित कमेटी में विवि के डीएस के अलावा विवि की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ममता मोक्टा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल, विवि के पूर्व डीएस प्रो. कुलभूषण चंदेल, शिक्षा विभाग से अतिरिक्त निदेशक डॉ. हरीश कुमार, संयुक्त निदेशक डॉ. विद्या सागर, डॉ. सुनीता सिंह, ओएसडी डाॅ. गोपाल संघाईक, धामी कॉलेज प्राचार्य डाॅ. जनेश कपूर, डीएवी कॉलेज कांगड़ा प्राचार्य, राजकीय कॉलेज प्राध्यापक संघ की अध्यक्ष डाॅ. बनिता सकलानी, डाॅ. संजय कांगू शामिल हैं। इसके अलावा कॉलेजों से कोई भी प्राचार्य या सहायक आचार्य भी सदस्य बनाए जा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed