हिमाचल प्रदेश: मिल्की मशरूम अब कसैली नहीं, स्वादिष्ट होगी, खुंब अनुसंधान निदेशालय ने किया सफल शोध; जानें
Milky Mushroom : मिल्की मशरूम में अब कड़वा स्वाद नहीं आएगा। इसमें अब बटन मशरूम की तरह ही स्वाद आएगा। पढ़ें पूरी खबर...
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मिल्की मशरूम में अब कसैला स्वाद नहीं आएगा। खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन के विशेषज्ञों ने इस पर सफल शोध किया है। इसमें अब बटन मशरूम की तरह ही स्वाद आएगा। इस मशरूम की खास बात यह है कि यह पौष्टिक होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी यह सहायक है। यही नहीं, इसकी शेल्फ लाइफ भी लंबी है।
जानकारी के अनुसार मिल्की (दुधिया मशरूम) देश में सबसे अधिक खाने वाली बटन मशरूम की तरह दिखती है। इन दोनों मशरूम के औषधीय गुण भी एक जैसे ही हैं। लेकिन शेल्फ लाइफ की बात करें तो बटन मशरूम दो या तीन दिन ही स्टोर हो सकती है, लेकिन मिल्की मशरूम को 8 से 10 दिन तक स्टोर किया जा सकता है। कई लोग इस मशरूम का सेवन इसमें पाए जाने वाले कसैले स्वाद के कारण नहीं करते थे। इस कारण इसकी बाजार में मांग भी कम रहती थी।
डीएमआर के डॉ. मनोज नाथ ने बताया कि मिल्की मशरूम में सुधार किया गया है। इसके लिए नया बीज तैयार कर इसे उगाने में भी सफलता हासिल की है। इसकी खास बात यह रहेगी कि इसके कसैले स्वाद को खत्म कर दिया गया है। इससे अब इसकी बाजार में भी मांग बढ़ेगी। यह मशरूम कैल्शियम, आयरन समेत अन्य पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। यह मशरूम गेहूं के भूसे से तैयार खाद पर 25 से 35 डिग्री के तापमान पर तैयार की गई है।
डीएमआर के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि मिल्की मशरूम की नई प्रजाति का सफल शोध किया है। यह मशरूम बटन से दो गुना अधिक उत्पादन देगी। इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन, फॉस्फोरस सेलेनियम, पोटैशियम और अन्य पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। डीएमआर में बीज तैयार किया जा रहा है। इसे उत्पादकों को प्रदान करने के साथ इसका प्रशिक्षण भी जल्द दिया जाएगा।