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Himachal News: उद्योगों को बिजली पर रात्रि अनुदान बंद करने वाला हिमाचल पहला राज्य, पलायन की आ सकती है नौबत
Sat, 12 Apr 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sat, 12 Apr 2025 05:00 AM IST
सार
हिमाचल में उद्योगों को 40 से 70 पैसे प्रति यूनिट रात्रि सब्सिडी बंद कर दी गई है जिससे प्रदेश के उद्योग संचालक भड़क गए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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बिजली (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश उद्योगों को बिजली पर मिलने वाला रात्रि अनुदान बंद करने वाला पहला राज्य बन गया है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों में उद्योगों को रात्रि अनुदान मिल रहा है। हिमाचल में उद्योगों को 40 से 70 पैसे प्रति यूनिट रात्रि सब्सिडी बंद कर दी गई है जिससे प्रदेश के उद्योग संचालक भड़क गए हैं। उद्योग संचालकों का कहना है कि प्रदेश में अनुदान बंद होने से लागत बढ़ गई है, अगर सरकार ने राहत नहीं दी तो उद्योग बंद करने और पलायन तक की नौबत आ सकती है।
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प्रदेश में एक अप्रैल से लागू बिजली की नई दरों में सरकार ने उद्योगों को दी जाने वाली रात्रि सब्सिडी बंद कर दी है। सरकार के इस फैसले से हिमाचल के मुकाबले पंजाब में बिजली सस्ती हो गई है। पंजाब में उद्योगों को रात्रि सब्सिडी करीब 1.20 रुपये प्रति यूनिट मिल रही है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के उद्योग संचालक खासे नाराज हैं। उद्योग संचालकों का कहना है कि अगर बिजली सब्सिडी बहाल नहीं हुई तो अगले एक साल में कई उद्योग बंद हो जाएंगे या अन्य राज्यों में पलायन कर जाएंगे जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार प्रभावित होगा और सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी भारी गिरावट आएगी।
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सरकार से आश्वासन ही मिले राहत नहीं : अग्रवाल
उद्योगों के लिए बिजली सब्सिडी में सरकार लगातार कटौती कर रही है। रात्रि सब्सिडी बंद कर उद्योगों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है। अगर रियायतें इसी तरह बंद की गईं तो उद्योग बंद करने या अन्य राज्यों में पलायन की नौबत आ जाएगी। सरकार तुरंत रात्रि सब्सिडी बहाल कर उद्योगों के लिए पारदर्शी और न्याय संगत टैरिफ प्रणाली लागू करे- राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, बीबीएन उद्योग संघ
उद्योगों के लिए बिजली सब्सिडी में सरकार लगातार कटौती कर रही है। रात्रि सब्सिडी बंद कर उद्योगों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है। अगर रियायतें इसी तरह बंद की गईं तो उद्योग बंद करने या अन्य राज्यों में पलायन की नौबत आ जाएगी। सरकार तुरंत रात्रि सब्सिडी बहाल कर उद्योगों के लिए पारदर्शी और न्याय संगत टैरिफ प्रणाली लागू करे- राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, बीबीएन उद्योग संघ
उद्योगों को बिजली अनुदान की मुख्यमंत्री से उठाऊंगा मांग : हर्षवर्धन
बिजली सब्सिडी बहाल करने को लेकर उद्योग संचालक लगातार मांग उठा रहे हैं। रात्रि सब्सिडी बंद बहाल करने का भी आग्रह किया जा रहा है। इस मामले पर मुख्यमंत्री से निजी तौर पर आग्रह करूंगा। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री लेंगे। 11 केवीए और 33 केवीए बिजली खपत वाले छोटे और मध्यम उद्योगों को भी 40 पैसे प्रति यूनिट अनुदान देने की मुख्यमंत्री से मांग उठाई जाएगी- हर्षवर्धन सिंह चौहान, उद्योग मंत्री
बिजली सब्सिडी बहाल करने को लेकर उद्योग संचालक लगातार मांग उठा रहे हैं। रात्रि सब्सिडी बंद बहाल करने का भी आग्रह किया जा रहा है। इस मामले पर मुख्यमंत्री से निजी तौर पर आग्रह करूंगा। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री लेंगे। 11 केवीए और 33 केवीए बिजली खपत वाले छोटे और मध्यम उद्योगों को भी 40 पैसे प्रति यूनिट अनुदान देने की मुख्यमंत्री से मांग उठाई जाएगी- हर्षवर्धन सिंह चौहान, उद्योग मंत्री