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Himachal: ब्लड कल्चर टेस्टिंग मशीन लगाने में देरी पर स्वास्थ्य सचिव, निदेशक हाईकोर्ट में तलब, जानें पूरा मामला
Tue, 29 Oct 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 29 Oct 2024 05:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव और निदेशक को पांच नवंबर को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। मामला नाहन मेडिकल कॉलेज से जुड़ा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
नाहन मेडिकल कॉलेज में तीन साल से ब्लड कल्चर टेस्टिंग मशीन न होने पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। साथ ही स्वास्थ्य सचिव और निदेशक को पांच नवंबर को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई पर यह बताया जाए कि अभी तक वहां मशीन क्यों नहीं स्थापित की गई है।
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'लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी'
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में कॉलेज के प्रिंसिपल ने ब्लड कल्चर टेस्टिंग मशीन लगाने और उसके रखरखाव के लिए टेंडर जारी किए थे। इस टेंडर में दो फर्मों ने भाग लिया था। इसमें बोली के बाद एक फर्म को यह टेंडर आवंटित किया गया। इससे पहले तीन बार टेंडर बुलाए गए, लेकिन कोई भी इसके लिए उपयुक्त नहीं पाया गया। तय मानकों के तहत टेंडर के लिए तीन लोगों का होना जरूरी है।
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2021 से 2024 तक निदेशालय और सचिवालय में घूमती रही फाइल
सितंबर में प्रिंसिपल ने स्वास्थ्य निदेशक को अंतिम सहमति के लिए पत्र लिखा। सितंबर 2021 से लेकर जुलाई 2024 तक यह फाइल निदेशालय और सचिवालय में घूमती रही। इसके बाद जुलाई में विशेष सचिव स्वास्थ्य ने इस टेंडर को स्वीकृति नहीं दी। उन्होंने कहा कि मशीन के रखरखाव में खर्च बहुत ज्यादा आ रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि एक फाइल को स्वीकृत होने में तीन साल का समय लग गया, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।
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