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सपना आया, खुदाई से निकली हनुमान मूर्ति
अनिल पटियाल/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Thu, 06 Mar 2014 12:27 PM IST
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ग्राम पंचायत छकोह में खुदाई के दौरान भगवान हनुमान की करीब 15 फीट की मूर्ति मिली है। रामायण काल से इस मूर्ति को जोड़कर देखा जा रहा है।
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हालांकि, भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से जांच-पड़ताल के बाद ही पता चल सकेगा कि मूर्ति कितनी पुरानी है।
करीब 15 फीट नीचे तक खुदाई करने के बाद ही यह मूर्ति मिली है। इसमें बजरंगबली शयन मुद्रा में हैं और साथ में पर्वत उठाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि छकोह पंचायत में स्थित मंदिर में महात्मा महंत को यहां पर हनुमान मूर्ति होने का स्वप्न आया।
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स्थानीय लोगों ने मंदिर महंत के स्वप्न के अनुसार खुदाई शुरू कर दी। करीब पांच फीट की खुदाई करने के बाद ही बजरंगबली के दर्शन हो गए। पूर्व पंचायत प्रधान संतराम कौंडल ने इसकी सूचना जिला भाषा विभाग को दी। भाषा विभाग की टीम मौके पर पहुंचेगी।
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जांच करने के बाद ही यह पता लग पाएगा की यह मूर्ति कितनी पुरानी है। उधर, छकोह पंचायत में हनुमान की मूर्ति मिलने के बाद यहां पर दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला भाषा अधिकारी बिलासपुर अनीता शर्मा ने कहा कि विभागीय उच्च अधिकारियों को छकोह पंचायत में हनुमान की मूर्ति मिलने के बारे अवगत करवा दिया गया है। इसके लिए शिमला से पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम बिलासपुर का दौरा करने वाली है।
इधर, भारतीय पुरातत्व विभाग के आर्कोलॉजिकल इंजीनियर सीएल कश्यप ने कहा कि डीएलओ बिलासपुर से इस तरह की सूचना मिली है। उनकी टीम जल्द मौके पर जाएगी। उन्होंने कहा कि वहां जाकर ही पता चल सकेगा कि यह मूर्ति कितने वर्ष पुरानी है।
इससे पूर्व भी खुदाई में मिली हैं कई मूर्तियां
1. घुमारवीं के कोठी (भराड़ी) में सातवीं, आठवीं शताब्दी की विष्णु की मूर्ति।
2. घुमारवीं के कोठी (भराड़ी) में 17वीं शताब्दी की सूर्या की मूर्ति।
3. मारकंडेय में 12वीं शताब्दी का ब्रह्मामुख।
4. मारकंडेय में 12वीं शताब्दी का विष्णुमुख।
5. मारकंडेय में 12वीं शताब्दी का शिवमुख।