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हिमाचल प्रदेश : निजी भवन में चल रहा सरकारी स्कूल सलगा, खुले बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर नौनिहाल

Sat, 23 Aug 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा आदित्य चड्ढा, संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)।
आदित्य चड्ढा, संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 23 Aug 2025 05:00 AM IST
सार

Salga Primary School : सोलन के पट्टा महलोग शिक्षा खंड के तहत आने वाला प्राथमिक स्कूल सलगा का भवन नहीं है। बच्चे टीन के ढारे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।

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Himachal Government school salga running in a private building children forced to study in the open verandah
प्राथमिक स्कूल सलगा - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

शिक्षा में गुणवत्ता के बीच कई स्कूल इन दावों की पोल खोल रहे हैं। इसका उदाहरण है सोलन के पट्टा महलोग शिक्षा खंड के तहत आने वाला प्राथमिक स्कूल सलगा। यहां दो साल से स्कूल का भवन नहीं है। बच्चे टीन के ढारे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2023 में प्राकृतिक आपदा के दौरान स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हो गया। तब से यह स्कूल गांव के व्यक्ति के एक कमरे और बरामदे में चल रहा है। कमरे में ऑफिस का रिकॉर्ड और मिड-डे मिल तैयार होता है और बच्चों को बरामदे में बैठाया जाता है। यह बच्चे दो साल से बरामदे में ही बैठ रहे हैं। सर्दियों और गर्मियों के दौरान ज्यादा परेशानी होती है। बच्चों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। स्कूल में 19 विद्यार्थी रह गए हैं। पर्याप्त सुविधाओं के न होने से कई बच्चे अन्य स्कूलों में भी चले गए हैं।

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स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल में 19 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। यह बच्चे सर्दी के मौसम में भी बरामदे में ही बैठते हैं, गर्मियों में भी पंखा और अन्य सुविधाएं न होने से परेशान होते हैं। स्कूल भवन क्षतिग्रस्त के बाद गांव के मोहन लाल ने एक कमरा बिना किसी किराये के स्कूल को दिया। यह कमरा इतना छोटा है कि इसमें केवल रिकॉर्ड और बच्चों को खाना बनाने का कार्य होता है। बच्चे कमरे के बाहर बरामदे में बैठते हैं। उन्होंने बताया कि दून के विधायक राम कुमार चौधरी ने स्कूल का निरीक्षण किया था और यहां पर भवन बनाने के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत किए। मगर भवन बनने में अभी समय लगेगा।

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स्कूल पिछले आठ माह से प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है। यहां पर जो अध्यापक तैनात थे, पदोन्नति होने पर वह दूसरे स्कूलों में चले गए। यहां पर कोई स्थायी नियुक्ति नहीं हुई। हर रोज नए स्कूल से अध्यापक डेपुटेशन पर आता है। अगर कई बार शिक्षक न आए तो बच्चों को छुट्टी भी करनी पड़ती है।

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नए भवन का काम शुरू
वर्ष 2023 में स्कूल का भवन बारिश के दौरान गिर गया। इसके बाद से स्कूल एक निजी भवन में चल रहा है। यह भवन स्कूल के पर्याप्त नहीं है। बच्चों को बरामदे में ही बैठना पड़ रहा है। स्कूल के लिए भवन बनाने का कार्य शुरू हो गया है। जैसे ही भवन तैयार होता है। स्कूल को नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।- पार्वती देवी, बीईईओ पट्टा महलोग
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