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Himachal News: सरकारी जमीन पर ससुर का कब्जा, बहू की प्रधानगी गई; छह साल तक चुनाव भी नहीं लड़ सकती
Wed, 18 Jun 2025 08:35 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 18 Jun 2025 08:35 PM IST
सार
शिमला जिले के चिढ़गांव क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने के आरोप में एक महिला प्रधान पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही छह साल के लिए पंचायत पदाधिकारी चुने जाने के लिए शर्मिला देवी को अयोग्य ठहराया है। पढ़ें पूरी खबर...
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उपायुक्त अनुपम कश्यप
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
शिमला जिले के चिढ़गांव क्षेत्र की पेखा पंचायत की प्रधान को पद से हटा दिया है। पंचायत प्रधान शर्मिला देवी अब छह साल के लिए चुनाव नहीं लड़ सकेगी। प्रधान के ससुर पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने के आरोप लगे थे। इसे लेकर एक महिला ने याचिका दायर की थी।
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अब उपायुक्त (डीसी) अनुपम कश्यप ने प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम 1994 के तहत निहित शक्तियों का निर्वहन करते हुए चिढ़गांव तहसील की पंचायत पेखा की प्रधान शर्मिला देवी उर्फ रमीला देवी को पद से हटा दिया है। इसके साथ ही छह साल के लिए पंचायत पदाधिकारी चुने जाने के लिए शर्मिला देवी को अयोग्य ठहराया है। इसके साथ निर्देश दिए हैं कि शर्मिला देवी पंचायत पेखा का कैश, रिकार्ड, स्टॉक, स्टांप और अन्य संबंधित दस्तावेज पंचायत सचिव पेखा के पास तत्काल प्रभाव से जमा करवाए।
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इसी पंचायत की जय प्यारी ने शर्मिला देवी के खिलाफ उपमंडल अधिकारी कार्यालय रोहड़ू में 21 जून 2022 को याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए थे कि शर्मिला देवी के ससुर केवल राम के परिवार ने खसरा नंबर 621 जोकि सरकारी भूमि है उस पर अतिक्रमण किया है। इस पर उपमंडल अधिकारी ( एसडीएम) रोहड़ू ने शर्मीला देवी के चुनाव को खारिज करने का फैसला सुनाया था। इस फैसले के विरोध में शर्मिला देवी ने डीसी के पास याचिका दायर की थी।
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अब डीसी ने भी याचिका को खारिज करते हुए उपमंडल अधिकारी के फैसले को सही ठहराते हुए शर्मिला देवी को प्रधान पद से हटाने और छह साल के लिए पंचायत पदाधिकारी के तौर पर चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार देने का फैसला सुनाया है।