Himachal News: शिक्षा मंत्री बोले- नदी, नालों के नजदीक नहीं बनेंगे शिक्षण संस्थान, विभाग खुद करेगा जमीन का चयन
सुंदरनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि अब कोई भी शिक्षण संस्थान नदी-नालों के नजदीक नहीं बनेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अब कोई भी शिक्षण संस्थान नदी-नालों के नजदीक नहीं बनेंगे। आपदा के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए शिक्षण संस्थानों को नए स्थानों पर बनाया जाएगा। इसके लिए चिह्नित जगह का शिक्षा उपनिदेशक स्वयं जाकर निरीक्षण करेंगे ताकि भविष्य में संस्थानों के निर्माण को लेकर कोई प्रश्नचिह्न न लग सके और उन्हें सुरक्षित लिहाज से बनाया जा सके। यह बात उन्होंने बुधवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र सराज का दौरा करने के बाद सुंदरनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार अब किसी भी सरकारी निर्माण से पहले इस बात को सुनिश्चित करेगी कि जहां पर यह निर्माण हो रहा है, वह जगह आपदा संभावित न हो। कहा कि प्रदेश में आपदा के कारण अधिकतर नदी-नालों के नजदीक बने शिक्षण संस्थानों को ही नुकसान पहुंचा है।
बताया कि इस बार की आपदा से प्रदेश के 523 शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुंचा है। इससे 30 करोड़ का नुकसान हुआ है। प्रभावित शिक्षण संस्थानों में सबसे ज्यादा मंडी जिले के हैं। प्रदेशभर में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए संस्थानों की संख्या 109 है। इसमें भी सबसे ज्यादा मंडी जिले के ही 29 संस्थान हैं। नए संस्थान बनाने के लिए 16 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। हिमुडा के माध्यम से यह कार्य किए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि विभाग के प्रिंसिपल, हेडमास्टर और पीजीटी की प्रमोशन लिस्ट फाइनल की जा रही है। विभाग इस कार्य में लगा हुआ है और जल्द ही इसकी अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा अन्य वर्गों की प्रमोशन लिस्ट भी विभाग की ओर से बनाई जा रही है, जिसे भी चरणबद्ध ढंग से जारी किया जाएगा। बच्चों की अपनी स्थानीय बोली से जोड़ने के लिए हर शनिवार को बैग फ्री डे में अपनी स्थानीय बोली ने वार्तालाप करने का एक पीरियड सुनिश्चित किया गया है। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ शामिल होने के प्रश्न पर रोहित ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष के बारे में हाईकमान ही तय करेगा।