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Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- जनजातीय इलाकों के विकास के लिए दिए 3,000 करोड़

Mon, 20 Oct 2025 09:47 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 20 Oct 2025 09:47 AM IST
सार

रविवार को जारी बयान में सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का 3,000 करोड़ रुपये से विकास किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal CM Sukhvinder Singh Sukhu said Rs 3000 crore given for the development of tribal areas
सीएम सुक्खू राज्यपाल शुक्ल को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का 3,000 करोड़ रुपये से विकास किया जा रहा है। इससे 35 हजार से अधिक परिवारों को लाभ मिला है। सीएम ने कहा कि इस पहल से बेहतर बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच, आजीविका सृजन कार्यक्रमों और बेहतर सामाजिक सेवाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों के परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ है। 

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रविवार को जारी बयान में सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम को 2022-23 के लिए 855 करोड़ रुपये, 2023-24 में 857.14 करोड़ रुपये, 2024-25 में 890.28 करोड़ रुपये और 2025-26 के लिए 638.73 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजटीय प्रावधानों के साथ एक मजबूत वित्तीय आधार तैयार किया है। 
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सड़क, पुल, परिवहन अवसंरचना और सार्वजनिक भवनों सहित प्रमुख नागरिक कार्यों के लिए 2022-23 में 290.58 करोड़, 2023-24 में 287.99 करोड़ और 2024-25 में 62.92 करोड़ प्रदान किए। इसके अलावा 2025-26 के लिए 125.06 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सुक्खू ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत किन्नौर, पूह और स्पीति में 75 सीमांत बस्तियों के लिए विकास योजनाएं तैयार की गई हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, सामाजिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को मजबूत करने के लिए विकास योजनाएं तैयार की गई हैं। 
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इन गांवों में कनेक्टिविटी, आवास और सामुदायिक संपत्तियों पर काम शुरू  हो चुका है। उन्होंने कहा कि  निचार, भरमौर, पांगी और लाहौल में चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में 1,008 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि पांगी और लाहौल में नए स्कूल और छात्रावास परिसरों का निर्माण कार्य चल रहा है।

बाल आश्रमों में रहने वाले बच्चों के लिए हर साल 14 नवंबर को खेल दिवस
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बाल आश्रमों में रहने वाले बच्चों के लिए हर साल 14 नवंबर को खेल दिवस का आयोजन किया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि सरकार जल्द ही अनाथ और कमजोर बच्चों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के बाल आश्रमों में आवासीय सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा और अन्य सुविधाओं में भी वृद्धि की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने रविवार को शिमला के टूटीकंडी बाल आश्रम का दौरा किया और आश्रम में रहने वाले बच्चों के साथ दीपोत्सव भी मनाया। आश्रम के बच्चों और कर्मचारियों ने मिट्टी के दीये जलाकर और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मिठाइयां और उपहार बांटे और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि दिवाली का असली मतलब खुशियां बांटना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया है। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रति माह 4000 रुपये पॉकेट मनी भी प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौंडल, निदेशक महिला एवं बाल कल्याण पंकज ललित और उपायुक्त अनुपम कश्यप भी उपस्थित रहे।

बाल आश्रमों के छात्रों को राज्य से बाहर शैक्षणिक दौरों पर भेजेंगे...सुक्खू ने कहा कि बाल आश्रमों के छात्रों को बेहतर अनुभव प्राप्त करने के लिए राज्य से बाहर शैक्षणिक दौरों पर भेजा जाएगा। उन्होंने बच्चों से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
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