{"_id":"6867e1985cf9f11a1d0251c9","slug":"himachal-cm-sukhu-said-hrtc-should-explore-the-possibility-of-running-green-hydrogen-buses-2025-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal Pradesh: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- एचआरटीसी ग्रीन हाइड्रोजन बसें चलाने की संभावना तलाशे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal Pradesh: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- एचआरटीसी ग्रीन हाइड्रोजन बसें चलाने की संभावना तलाशे
Fri, 04 Jul 2025 07:45 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 04 Jul 2025 07:45 PM IST
सार
एचआरटीसी की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को ग्रीन हाइड्रोजन बसें शुरू करने की व्यवहार्यता का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रियायती पास के लिए आवेदन करने के लिए एकल बस पास प्रणाली और वास्तविक समय बस निगरानी प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के अधिकारियों को ग्रीन हाइड्रोजन बसें शुरू करने की व्यवहार्यता का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को हिमाचल के चुनौतीपूर्ण और पहाड़ी क्षेत्रों के मद्देनजर राज्य के लोगों के लिए परिवहन सेवाओं में विस्तार करने के निर्देश दिए हैं। निगम की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी प्रदेशवासियों की जीवन रेखा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च, 2026 तक 297 टाइप-1 इलेक्ट्रिक-बसें सड़क पर दौड़ पाएंगी। 30 टाइप-2 इलेक्ट्रिक-बसों की खरीद प्रक्रिया जारी है। पर्यावरण संरक्षण और निगम को आत्मनिर्भर बनाने में मील पत्थर साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को ग्रीन हाइड्रोजन बसें शुरू करने की व्यवहार्यता का पता लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च, 2026 तक प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने रियायती पास के लिए आवेदन करने के लिए एकल बस पास प्रणाली और वास्तविक समय बस निगरानी प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर कार्य और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग करने तथा एचआरटीसी मुख्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला शिमला के ठियोग में एचआरटीसी कार्यशाला स्थापित की जाएगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी बैठक के दौरान बहुमूल्य सुझाव दिए और निगम के कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सलाहकार अधोसंरचना अनिल कपिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नज़ीम, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन