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Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- बीबीएमबी का लंबित बकाया जारी करवाएं, हिमाचल को बनाएं स्थायी सदस्य

Mon, 17 Nov 2025 09:27 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 17 Nov 2025 09:27 PM IST
सार

हरियाणा के फरीदाबाद में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में सीएम सुक्खू ने बीबीएमबी से लंबित बकाया राशि जारी करने और बीबीएमबी में हिमाचल प्रदेश को एक स्थायी सदस्य नियुक्त करने की मांग उठाई। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal CM Sukhu said get the pending dues of BBMB released make Himachal a permanent member
फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की 32वीं बैठक - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से लंबित बकाया राशि जारी करने और बीबीएमबी में हिमाचल प्रदेश को एक स्थायी सदस्य नियुक्त करने की मांग उठाई। उन्होंने चंडीगढ़ की भूमि और परिसंपत्तियों में हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से के वैध अधिकार की भी पुरजोर वकालत की। हरियाणा के फरीदाबाद में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में सीएम सुक्खू ने ये मांगें उठाईं।

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपदा के बाद आकलन के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ शीघ्र देने का अनुरोध किया। बैठक में हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित लद्दाख के मध्य सरचू व शिंकुला क्षेत्रों में अंतरराज्यीय सीमा विवाद को सुलझाने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राजस्व घाटा अनुदान में हो रही कमी और जीएसटी मुआवजे के बाद भी वर्ष 2023-24 तक राज्य को 9,478 करोड़ के राजस्व घाटे की भरपाई के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने की मांग की।




मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ की भूमि और परिसंपत्तियों में हिमाचल के 7.19 प्रतिशत हिस्से के वैध अधिकार की बात करते हुए कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के तहत जरूरी है। उन्होंने सर्वाेच्च न्यायालय के 2011 के उस निर्णय का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत जनसंख्या अनुपात हस्तांतरण के आधार पर हिमाचल प्रदेश संयुक्त पंजाब में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का हकदार है और यही बीबीएमबी की ओर से उत्पादित बिजली में वैध हिस्सेदारी का आधार भी है।

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केंद्र की जल विद्युत परियोजनाओं में मुफ्त रॉयल्टी 50 प्रतिशत करने की मांग
उन्होंने केंद्र की ओर से संचालित जल विद्युत परियोजनाओं में राज्य की मुफ्त बिजली रॉयल्टी 12 की जगह बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग भी की। उन्होंने आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश को उसका वैध हक मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे को उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक के एजेंडा में रखा जाए। उन्होंने अनुरोध किया कि हिमाचल में 40 वर्ष पूरे कर चुकी जल विद्युत परियोजनाओं को राज्य को सौंप दिया जाए। उन्होंने किशाऊ और रेणुका बांध प्रोजेक्ट के विद्युत घटकों के लिए पूर्ण केंद्रीय वित्तपोषण की मांग की और आग्रह किया कि इनका कार्य पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को 50-50 प्रतिशत बिजली दी जाए।
 
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