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Himachal Pradesh: फिर हटाए सीआईडी प्रमुख ओझा, ज्ञानेश्वर को कमान; बिलासपुर गोलीकांड सुलझाने का मिला इनाम
Fri, 28 Mar 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 28 Mar 2025 05:00 AM IST
सार
हिमाचल सरकार ने आईपीएस अधिकारी संजीव रंजन ओझा को सीआईडी प्रमुख के पद से हटाकर अब 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह को तैनाती दी गई है। पढ़ें पूरी खबर...
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संजीव रंजन ओझा/ज्ञानेश्वर सिंह
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक बार फिर सीआईडी प्रमुख को हटाने का फैसला लिया है। आईपीएस अधिकारी संजीव रंजन ओझा को सीआईडी प्रमुख के पद से हटाकर अब 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह को तैनाती दी गई है। करीब सात माह पहले उनकी इस पद पर तैनाती हुई थी। सूचनाएं लीक होने और लगातार विवादों के चलते सीआईडी प्रमुख को बदलने की चर्चा है। ओझा अब महानिदेशक कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं के पद पर ही सेवाएं देंगे।
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उधर, सरकार का यह फैसला ज्ञानेश्वर सिंह को बिलासपुर गोलीकांड सुलझाने के इनाम के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी आदेशों में केंद्रीय प्रतिनियुक्त से लौटकर तैनाती का इंतजार कर रहे एडीजी अजय यादव को क्राइम विंग का जिम्मा सौंपा गया है। अजय यादव विभागीय मुकद्दमेबाजी और सजा से संबंधित मामले भी देखेंगे। पदोन्नति के बाद तैनाती का इंतजार कर रहे एजीडी जय प्रकाश सिंह को सशस्त्र पुलिस और प्रशिक्षण का दायित्व सौंपा गया है। 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी अंजुम आरा को पदोन्नति के बाद डीआईजी दक्षिण रेंज लगाया गया है।
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ज्ञानेश्वर को दो बार मिल चुका है स्पेशल ऑपरेशन मेडल
ज्ञानेश्वर सिंह को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान डिप्टी डीजी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो रहते हुए लगातार दो साल प्रतिष्ठित स्पेशल ऑपरेशन मेडल मिल चुके हैं। 2023 में 1500 किलो हेरोइन के शाहीन बाग/मुजफ्फरनगर, अटारी, गुजरात मामले में 4 अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट मामले का भंडाफोड़ करने और 2024 में भारतीय नौ सेना, गुजरात एटीएस और एनसीबी के संयुक्त अभियान में देश की सबसे बड़ी 3300 किलो मादक पदार्थ की जब्ती के लिए मेडल मिला है। मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सभी राज्यों और एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए एन कोर्ड पोर्टल भी ज्ञानेश्वर सिंह ने ही बनाया है। सरकार ने हिमाचल में चिट्टे के बढ़ते प्रसार के तोड़ के लिए भी ज्ञानेश्वर सिंह को सीआईडी प्रमुख का जिम्मा सौंपा है।
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