Himachal Cabinet Decisions: स्कूल, कॉलेजों का अलग-अलग निदेशालय, जानें मंत्रिमंडल के सभी फैसले एक क्लिक में
हिमाचल कैबिनेट की बैठक में प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक शिक्षा की व्यवस्था के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को स्कूल शिक्षा निदेशालय में स्तरोन्नत करने को मंजूरी दी गई। सभी फैसले जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश में अब स्कूल और कॉलेजों के लिए अलग-अलग निदेशालय होंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एचआरटीसी के बेड़े में 297 टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों और 24 वातानुकूलित सुपर लग्जरी बसों की खरीद होगी। शुक्रवार को विधानसभा सत्र के बाद प्रदेश सचिवालय शिमला में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक शिक्षा की व्यवस्था के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को स्कूल शिक्षा निदेशालय में स्तरोन्नत करने को मंजूरी दी गई। उच्च शिक्षा निदेशालय अब महाविद्यालयों के साथ-साथ उच्च शिक्षा के सभी पहलुओं का प्रबंधन करेगा। शिक्षा प्रणाली के प्रशासन और दक्षता में सुधार करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल ने निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार हिमाचल नियम 2011 में संशोधन करने का भी निर्णय लिया है। पांचवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों को अंकों के आधार पर पास किया जाएगा। यदि विद्यार्थी प्रमोशन के मापदंडों को पूरा करने में विफल रहते हैं तो उस स्थिति में उन्हें परिणाम घोषित होने की तिथि से दो महीने की अवधि के भीतर दोबारा परीक्षा के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान किया जाएगा।
बैठक में राज्य में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी को सशक्त बनाने के लिए नए वाहन खरीदने को भी मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडल ने शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए 1000 करोड़ रुपये के सावधि ऋण के दृष्टिगत राज्य पावर कारपोरेशन को सरकारी गारंटी प्रदान करने की भी मंजूरी दी है।
मंत्रिमंडल ने बाल देखभाल संस्थानों में 15 वर्ष या उससे अधिक समय से रह रहे बच्चों को हिमाचली प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से ये बच्चे नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।