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Himachal News: मलबे में दबा भवन, टपक रही छत, ऐसे माहौल में पढ़ रहे बैहना प्राथमिक पाठशाला के बच्चे; जानें

Tue, 05 Aug 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा देवेंद्र गुप्ता, सुंदरनगर (मंडी)।
देवेंद्र गुप्ता, सुंदरनगर (मंडी)। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 05 Aug 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी की प्राथमिक पाठशाला बैहना में विद्यार्थी असुरक्षित भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। भवन के साथ बहने वाले नाले से पानी और मलबा करीब तीन साल से स्कूल परिसर में पहुंच रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
 

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Himachal Building buried under rubbl roof leaking children of Baihna School studying in such an environment
सुंदरनगर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बैहना के समीप आए मलबे को हटाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मंडी जिले के उपमंडल सुंदरनगर की नालग पंचायत की प्राथमिक पाठशाला बैहना में विद्यार्थी असुरक्षित भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पाठशाला के भवन की छत टपक रही है। दीवारों के साथ मलबा सटा है, इससे दीवारें सीलन भरी हैं। भवन के साथ बहने वाले नाले से पानी और मलबा करीब तीन साल से स्कूल परिसर में पहुंच रहा है। इससे भवन की दीवारें चार से पांच फीट तक मलबे में दब गई है। नाले में बाढ़ आने के कारण यहां अध्ययनरत 23 बच्चों के साथ हेड टीचर और एक जेबीटी शिक्षक भी खौफ के साये में रहने को मजबूर हैं।

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मलबे के कारण स्कूल का रास्ता भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा का मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इससे सरकार के स्कूलों में बेहतर शिक्षा, सुरक्षा देने के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। उधर, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सुंदरनगर प्रदीप कुमार ने कहा कि बैहना स्कूल में पिछले तीन साल से नाले की वजह से बरसात में मलबा आ रहा है। इसकी लिखित जानकारी स्कूल से मंगवाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।

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28 साल पुराना है भवन
स्कूल का भवन 28 साल पुराना हो गया है। मलबे और रिसाव के कारण दीवारें कमजोर हो गई है। बारिश में भवन के गिरने का खतरा बना रहता है। अभिभावक शिवानी, नीमा, रीता, तेज राम ने बताया कि सरकार और शिक्षा विभाग शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे है। एसएमसी अध्यक्ष सरोज कुमारी ने कहा कि शिक्षा विभाग को संज्ञान लेना चाहिए। अगर कोई बड़ा हादसा हुआ तो फिर विभाग ही जिम्मेदार होगा।
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स्कूल में 2023 की आपदा के बाद अब हर बरसात में मलबा आ रहा है। इसको लेकर खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को लिखित रिपोर्ट सौंप दी है। इस बरसात में फिर मलबा भर चुका है। स्कूल का किचन शेड खतरे में है। - सुमन ठाकुर, मुख्य अध्यापिका

स्कूल प्रमुखों को समय-समय पर पानी की निकासी, पेड़ काटने के बारे में निर्देश जारी किए जाते हैं। समय-समय पर विभागीय टीमें भी निरीक्षण कर जायजा लेती हैं। - हरी चंद, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा
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