Himachal Budget 2025: ड्रग निर्भरता सावधानी, नशा मुक्ति और पुनर्वास बोर्ड बनेगा, रिहेबिटेशन केंद्र भी खुलेंगे
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बच्चों के पुनर्वास पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है। सीएम ने इसके लिए कई घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए ड्रग निर्भरता सावधानी, नशा मुक्ति और पुनर्वास बोर्ड बनेगा।
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हिमाचल सरकार राज्य में बढ़ते नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मामलों को लेकर चिंतित है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। सीएम ने कहा कि बच्चों को अपराधी न मानकर, इन्हें पीड़ित मानना चाहिए। सीएम ने कहा कि बच्चों के पुनर्वास पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है। सीएम ने इसके लिए कई घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए ड्रग निर्भरता सावधानी, नशा मुक्ति और पुनर्वास बोर्ड बनेगा।
- राज्यव्यापी जागरुकता और सामुदायिक लामंबदी अभियान होगा, पंचायत, धार्मिक, सांस्कृतिक संगठनों एनसीसी, शिक्षकों एनजीओ को शामिल किया जाएगा।
- मेडिकल कॉलेज टांडा में एक ड्रग एडिक्शन और रिहेबिटेशन नोडल केंद्र स्थापित किया जाएगा।
- सिरमौर जिले में एक ड्रग एडिक्शन और रिहेबिटेशन केंद्र खुलेगा।
- क्षेत्रीय, जिला, मेडिकल कालेजों और अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार डि-एडिक्शन बेड्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- डि-एडिक्शन देखभाल में विशेषज्ञता की कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टरों, नर्सों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- मनोचिकित्सा में पीजी सीटों को बढ़ाया जाएगा।
- सरकार नीति आयोग के सहयोग से प्रदेश में स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच, उपमंडल स्तर पर समिति का गठन।
नींद की रुकावट पर पीजीआई चंडीगढ़ में प्रशिक्षण
इंटरनेट के इस युग में सही नींद नहीं मिलना समस्या बन गया है। इस समस्या का निदान और उपचार नहीं किया गया तो यह अन्य बीमारियों को जन्म दे सकती है। ऐसे में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए सरकार पीजीआईए चंडीगढ़ में राज्य के मेडिकल कॉलेजों के लिए चयनित संकाय को प्रशिक्षण प्रदान करेगी।